child swapping in hospital case registered after cm intervention

अस्पताल में हो रही बच्चे की अदला-बदली, CM के दखल के बाद मामला दर्ज

  • Updated on 9/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक स्थानीय अस्पताल  (Hospital) के खिलाफ नवजात बच्चे को बदल देने का मामला सामने आया है। इस मामले में गुडगांव पुलिस ने एफआईआर (Fir) दर्ज की गई है। पुलिस ने गुरुग्राम (Gurugram) के एक दंपत्ति की शिकायत (Complaint) पर FIR दर्ज करके मामले की छानबीन शुरु कर दी गई है। ये मामला मुख्यमंत्री  (Chief Minister) कार्यालय के दखल के बाद दर्ज किया गया है। ये मामला इसलिए मुख्यमंत्री के पास पहुंचा क्योंकि दंपति लगभग सात महीने से इसके लिए न्याय (Justis) की गुहार लगा रहे थे। हालांकि अब उन्हे राहत मिली जब उनका केस दर्ज कर लिया गया है।

दरअसल 7 फरवरी को बच्चे की मां मरजीना ने स्वास्तिक अस्पताल में एक लड़के को जन्म दिया था। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों  (Worker) ने दंपत्ति को बच्चे को देखने की इजाजत तक नहीं दी और इसके दो घंटे के बाद उन्हें बताया गया की मरजीना ने एक बेटी को जन्म (Birth) दिया है।

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वहीं जो बच्ची पीडित को सौंपी गई उसका जन्म 5-7 दिन पहले पैदा हुआ था। उन्होने बताया कि बच्ची का सिर आम बच्चों के मुकाबले अधिक मजबूत था। जबकि नवजात का सिर हसेशा नरम होता है, और साथ ही उसकी गर्भनाल भी पूरी तरह से सूख गई थी। जबकि नवजात शिशु के गर्भनाल का जख्म हरा रहता है।

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शिकायतकर्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि मेरे पति को अस्पताल के आसपास पूछताछ करने पर एक नवजात लड़का अस्पताल के नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में मिला जिसके साथ उसकी मां मौजूद नहीं थी। इतना कुछ होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उनकी एक नहीं सुनी। और तो और पुलिस और मेडिकल बोर्ड ने भी उनकी शिकायत को अनसुना किया और मुद्दे पर ध्यान ही नहीं दिया।

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पीड़ित युवती मरजीना ने कहा कि इसके बाद किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिलने के बाद हम बादशाहपुर पुलिस स्टेशन (Police station) गए, लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। यहां तक की हम गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी मिले, लेकिन उन्होंने भी कोई मदद नहीं की।

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आखिर में उपायुक्त के कार्यालय गए और मुख्यमंत्री विंडो पर अपनी परेशानी दर्ज करवाई। वहीं मरजीना के पति मोहम्मद मोजाहिल ने कहा की हम सीएम विंडो पर डीएनए जांच और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर हैं। वहीं गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में जानकारी देते हुए कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये अपराध अस्पताल के कर्मचारीयों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकता है।
 

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