Wednesday, Jul 06, 2022
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गणतंत्र दिवस परेड 2022 में सीआईएसएफ कंटिंजेंट बना सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग कंटिंजेंट

  • Updated on 2/4/2022

गणतंत्र दिवस परेड 2022 में सीआईएसएफ कंटिंजेंट बना सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग कंटिंजेंट
- सीआईएसएफ कंटीजेंट को सातवीं बार यह खिताब

नई दिल्ली/टीम डिजिटल

गणतंत्र दिवस परेड में राजपथ पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) कंटिंजेंट ने अर्धसैनिक बलों एवं अन्य सहायक मार्चिंग कंटिंजेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2022 का सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग कंटिंजेंट का खिताब हासिल किया है। सीआईएसएफ ने यह खिताब सातवीं बार हासिल की है। इससे पूर्व सीआईएसएफ कंटिंजेंट को वर्ष 2007, 2008, 2013, 2015, 2017 और 2020 में इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। सीआईएसएफ महानिदेशक शील वर्धन सिंह ने कंटिंजेंट को अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से बल के लिए गर्व के क्षण लाने के लिए बधाई दी है। साथ ही उन्होंने महानिरीक्षक, एनसीआर सेक्टर एन. जी. गुप्ता, उप महानिरीक्षक, एनसीआर क्षेत्र हरदीप सिंह, वरिष्ठ कमांडेंट, 5वीं आरक्षित वाहिनी गाजियाबाद जयशंकर, निरीक्षक पवन कुमार भाटी (मुख्य ड्रिल प्रशिक्षक) और समर्पित प्रशिक्षकों की सराहना की।

परेड में शामिल थे कुल 99 बल सदस्य


परेड में शामिल हुए सीआईएसएफ कंटिंजेंट में कुल 99 अधिकारी एवं अन्य बल सदस्य शामिल थे। परेड में 1 सहायक कमांडेंट, 2 महिला अधीनस्थ अधिकारी और अन्य पद के कुल 96 जवानों ने मोनीश बागड़ी, सहायक कमांडेंट के नेतृत्व में राजपथ में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड-2022 में भाग लिया था। इस कंटिंजेंट में शामिल सभी जवानों की ऊंचाई 6 फिट और उनकी उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच थी। चयन के पश्चात इन सभी को 5वीं आरक्षित वाहिनी गाजियाबाद में प्रशिक्षण और फिर प्रदर्शन के आधार पर कंटिंजेंट कमांडर सहित अन्य सदस्यों का चयन किया गया था। इसके बाद अंतिम प्रदर्शन की तैयारी के लिए राजपथ पर आकर्षक पोशाक में उत्कृष्ट प्रदर्शन और सलामी मंच से गुजरते हुए भारत के राष्ट्रपति को सलामी देने के लिए चयनित सीआईएसएफ कंटिंजेंट को ठिठुरन भरे सर्द मौसम में कठिन अभ्यास किया था।

कराया गया था कठोर प्रशिक्षण


गणतंत्र दिवस परेड-2022 के लिए सीआईएसएफ कंटिंजेंट के बल सदस्यों ने दिसम्बर 2022 के महीने में 5वीं आरक्षित वाहिनी गाजियाबाद में अभ्यास हेतु रिपोर्ट किया। उनका दैनिक अभ्यास का कार्यक्रम कठोर शारीरिक प्रशिक्षण के साथ शुरू होता था, जिसके बाद चयनित प्रशिक्षण के देख-रेख में प्रात: 09 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और शाम 15.00 बजे से 17.15 बजे तक परेड अभ्यास किया जाता था। तैयारी के दौरान कंटिंजेंट के लिए योग और प्रेरणा हेतु विशेष सत्र भी आयोजित किए गए।
वास्तव में यह कहा जा सकता है कि सीआईएसएफ भारत के विकास में सहायक प्रमुख स्तंभों की सुरक्षा करता है।

सीआईएसएफ की सुरक्षा में है देश के प्रमुख संस्थाने

सीआईएसएफ को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, जिसमें हवाई अड्डों से लेकर बंदरगाह, परमाणु ऊर्जा केंद्रों से लेकर अंतरिक्ष केंद्र, विद्युत परियोजनाओं से लेकर इस्पात केन्द्र, दिल्ली मेट्रो आदि देश के विकास में सहायक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने का गौरव हासिल है। आज सीआईएसएफ पूर्ण रूप से विकसित एक बहुआयामी एवं बहु-कुशल बल के रूप में प्रतिष्ठित है। अनुकूलता, पेशेवर दक्षता और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग इसके आदर्श वाक्य ‘संरक्षण व सुरक्षा’ की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं।

 

बैंड ने बजाई थी अमर सेनानी धुन


परेड के दौरान आकर्षक पोशाक में सुसज्जित सीआईएसएफ बैंड ने उप निरीक्षककरण सिंह के कमान में सलामी मंच से गुजरते हुए ‘अमर सेनानी’ धुन बजाई। आउटडोर प्रशिक्षकों/बैंड प्रशिक्षकों द्वारा बैंड दल के शारीरिक प्रशिक्षण और मार्चिंग कौशल की बारीकी से जांच की गई। सख्त चयन प्रक्रिया के बाद ही बैंड दल के कर्मियों का चयन किया गया। सीआईएसएफ के बैंड और कन्टिजेंट ने बड़े उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ प्रदर्षन किया, फलस्वरूप प्रथम स्थान पर रहे।

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