Monday, Jul 16, 2018

इलाहाबाद: दलित छात्र की हत्या पर राजनीति शुरू, मची मुआवजा देने की होड़

  • Updated on 2/13/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एलएलबी के छात्र दिलीप सरोज की हत्या के विरोध में जमकर हंगामा किया जा रहा है। साथ ही मृतक छात्र के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है। इस दौरान एसएसपी ऑफिस का भी प्रदर्शनकारियों ने घेराव किया और तोड़फोड़ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 

वहीं, अब इस मामले में मायावती के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभी अपनी चुपी तोड़ते हुए इलाहाबाद में मारे गए छात्र दिलीप सरोज के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया है। साथ ही दीलीप सरोज के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिलीप के लिए 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है। विरोध का असर विधानसभा में भी देखने को मिला जिसके चलते कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी थी। 

 भाजपा की जातिवादी राजनीति जिम्मेदार : मायावती  

 इलाहाबाद में दलित छात्र की  हत्या पर गहरा दु:ख एवं संवेदना व्यक्त करते हुये बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कहा कि शोषित-पीड़ित दलित समाज के एक होनहार एलएलबी छात्र की हत्या पूरे समाज के लिए बड़े दु:ख एवं चिन्ता की बात है। इस घटना से पूरा समाज आहत हुआ है।  

उन्होंने कहा, ‘इलाहाबाद में दलित छात्र की इस प्रकार नृशंस हत्या वास्तव में उत्तर प्रदेश के भाजपा शासन में कोई अकेली नई घटना नहीं है, बल्कि ऐसी दर्दनाक घटनाएं लगातार घट रही हैं और इनके लिए कोई और नहीं बल्कि भाजपा की संकीर्ण, जातिवादी एवं नफरत की राजनीति पूरी तरह से दोषी है। इसके कारण ही उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में माहौल काफी अधिक दूषित हो गया है।

 बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सर्वसमाज खासकर पढ़े-लिखे युवकों को रोजगार नहीं मिल पाने के कारण वे कुंठा का शिकार हैं और इस कारण विभिन्न प्रकार के अपराध हर स्तर पर लगातार बढ़ रहे हैं तथा समाज का तानाबाना बिखर रहा है। 

बता दें शनिवार को इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले दलित छात्र दिलीप सरोज की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। दिलीप प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला था, जो एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार को कुछ दोस्तों के साथ वो एक रेस्तरां में खाना खाने गया था। वहां मौजूद दूसरे पक्ष से बहस शुरू हो गई जो मारपीट में बदल गई और इस दौरान दिलीप की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

हत्या का सीसीटीवी फुटेज और विडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने हत्यारों के खिफाल केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इस हत्या का मुख्य आरोपित विजय शंकर सिंह फरार है। वहीं आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर समाजवादी छात्रसभा और आईसा के छात्रों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एसएसपी दफ्तर तक जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.