Friday, Feb 28, 2020
congress sajjan kumar has moved supreme court seeking bail 1984 anti sikh riots case

सिख विरोधी दंगा: SC से सज्जन कुमार को कोई राहत नहीं, होली के बाद होगी सुनवाई

  • Updated on 2/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। 1984 के सिख-विरोधी दंगों (1984 anti-Sikh riots) के मामले में कांग्रेस (Congress) के पूर्व नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत नहीं मिली है, और वह जेल में ही रहेंगे। कोर्ट होली की छुट्टियों के बाद दोषी सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।

1984 के दंगों के पीड़ितों को अब भी इंसाफ का इंतजार 

होली के बाद होगी सुनवाई 
सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अंतरिम जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया और कहा कि वह गर्मियों की छुट्टियों में उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने यह भी कहा कि वह सबरीमला संदर्भ मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद कुमार के स्वास्थ्य पर एम्स (AIIMS) की चिकित्सा रिपोर्ट पर विचार करेगी।

वहीं विकास सिंह ने सज्जन कुमार की तरफ से सीलबंद मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट को सौंपते हुए कहा कि कुमार का वजन 13 किलो कम हुआ है। जेल जाते समय 67 किलो वजन था। अब वो 54 किलो के हैं। लिहाजा उनको जमानत पर रिहा किया जाए।

कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने 17 दिसंबर 2018 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिस मामले में उसे दोषी ठहराया गया और सजा दी गई वह एक-दो नवंबर 1984 को दिल्ली छावनी के राज नगर पार्ट-1 इलाके में पांच सिखों की हत्या और राज नगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारे को जलाने से संबंधित है। गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को दो सिख अंगरक्षकों द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (PM Indira Gandhi) की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे।

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'कई बीमारियों से पीड़ित हैं सज्जन कुमार'
उन्होंने कहा कि कुमार कई बीमारियों से पीड़ित हैं और उनकी सेहत गंभीर रूप से खराब है। इस पर पीठ ने कहा कि वजन कम होने का मतलब यह नहीं कि वह अस्वस्थ हैं लेकिन फिर भी, हम डॉक्टरों की टीम से उनकी सेहत की जांच कराने का आदेश देते हैं।      

हाई कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद कुमार ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। कुमार को जिस मामले में सजा सुनाई गई थी वो 1984 में दिल्ली छावनी के राजनगर पार्ट-1 में पांच सिखों को मार डालने और राजनगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारा में आग लगाने से जुड़ा हुआ है। 

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