Thursday, Jan 23, 2020
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निर्भया केस: फांसी से बचने के लिए दोषी मुकेश ने खेला आखिरी दांव, राष्ट्रपति को भेजी दया याचिका

  • Updated on 1/14/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निर्भया केस के चारों दोषियों में से एक दोषी मुकेश सिंह ने अपना आखिरी दांव खेल लिया। मुकेश ने आज राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर दी है।  .

आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gangrape Case) के चारों मुजरिमों में से दो की सुधारात्मक याचिका को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को खारिज कर दी है। बता दें कि पहले विनय कुमार शर्मा (Vinay Kumar Sharma) ने फांसी के फंदे से बचने के अंतिम प्रयास के तहत कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर की थी। इसके बाद दोषी मुकेश सिंह (Mukesh Singh) ने भी पिटीशन दायर की थी।

दो मुजरिमों की सुधारात्मक याचिका खारिज
न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मौत की सजा पाने वाले चार मुजरिमों में से विनय शर्मा और मुकेश कुमार की सुधारात्मक याचिकाएं खारिज कर दीं। इन दोनों मुजरिमों की सुधारात्मक याचिका पर न्यायाधीशों के चैंबर में कार्यवाही की गई। अदालत ने इस मामले के चारों मुजरिमों को 22 जनवरी को सवेरे सात बजे तिहाड़ जेल में मृत्यु होने तक फांसी पर लटकाने के लिए आवश्यक वारंट जारी किया था। इसके बाद विनय और मुकेश ने सुधारात्मक याचिका दायर की थी। 

SC में पांच जजों की बेंच ने की सुनवाई
दोषी विनय शर्मा और मुकेश की ओर से दायर की गई याचिकाओं पर जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पांच जजों वाली बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है लेकिन इसके बाद भी दोषियों के पास एक और मौका है जिसके सहारे वो अपनी जिंदगी बचा सकते है। आपको बता दें कि अभी भी दोषियों के पास राष्ट्रपति को दया याचिका भेजने का विकल्प बचा है।

निर्भया गैंगरेप: आज चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नम्बर तीन में भेजा जा सकता है

22 जनवरी को होगी फांसी
निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने 7 जनवरी को सभी चारों दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया था, उन्हें 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दी जानी है। दक्षिण दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में छह व्यक्तियों ने निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके मरने के लिये बाहर फेंक दिया था। निर्भया की बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।

विनय ने की थी सुधारात्मक याचिका दायर
निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के मुजरिमों में से एक विनय कुमार शर्मा ने फांसी के फंदे से बचने के अंतिम प्रयास के तहत 9 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर की थी। इस सुधारात्मक याचिका में विनय ने अपनी युवावस्था का हवाला देते हुए कहा था कि न्यायालय ने इस पहलू को त्रुटिवश अस्वीकार कर दिया है। 

दोषी विनय ने कही ये बात
दोषियों की याचिका खारिज होने से पहले दोषी विनय शर्मा ने कहा था कि इस पूरे केस में परिवार की कोई गलती नहीं, फिर भी उसे सामाजिक प्रताड़ना और अपमान झेलना पड़ा है। अकेले हम याचिकाकर्ता को सजा नहीं दी जा रही बल्कि आपराधिक कार्यवाही के कारण उसका पूरा परिवार काफी पीड़ित हुआ। वहीं वकील एपी सिंह ने मानना है कि याचिकाकर्ता के माता-पिता काफी गरीब हैं। काफी लंबे समय तक केस लड़ने के कारण भारी संसाधन बर्बाद हो गया और अब उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा।

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