Tuesday, Oct 04, 2022
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पिता की मौत के बाद बेटी का संकल्प, साइंटिस्ट बनकर पूरा करेगी सपना

  • Updated on 10/16/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। भाटिया मोड़ आरओबी पर बस हादसे में गंभीर रूप से घायल एलजी कंपनी के कर्मचारी सुनील कुमार की मौत हो गई। पिछले 3 दिन से निजी अस्पताल में वह उपचाराधीन थे। इस दुर्घटना में यह दूसरी मौत है। इसके पहले इंजीनियर ब्रजेश पांडेय की जान चली गई थी। वहीं, सुनील की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। शोक और मातम के बीच मृतक की बेटी ने जज्बा दिखाया है। उसने कहा है कि वह साइंटिस्ट बनकर पिता का सपना जरूर पूरा करेगी। सुनील अपनी बेटी अंशिका (15) को साइंटिस्ट बनाना चाहते थे।

बस हादसे में एक और मौत
जनपद गाजियाबाद में घंटाघर कोतवाली अंतर्गत भाटिया मोड़ आरओबी पर गत 13 अक्तूबर की रात करीब पौने 9 बजे बस दुर्घटनाग्रस्त होकर नीचे गिर गई थी। एलजी कंपनी की यह बस ग्रेटर नोएडा से अपने कर्मचारियों को घर छोड़ने के लिए निकली थी। लालकुआं से गाजियाबाद आते समय आगे बाइक पर चल रहे युवक को बचाने के चक्कर में चालक अचानक बस पर नियंत्रण खो बैठा था। ऐसे में डिवाइडर को तोड़कर बस रॉन्ग साइड में जाकर आरओबी से नीचे आ गिरी थी। हादसे के दौरान बाइक सवार इंजीरियर ब्रजेश पांडेय (31) निवासी ग्रेटर नोएडा की मौत हो गई थी। 

एलजी कंपनी में कर्मचारी थे सुनील
बस दुर्घटनाग्रस्त होने से चालक महेंद्र सिंह निवासी ग्राम सलारपुर नोएडा, एलजी कंपनी के वेयर हाउस में कार्यरत सुनील कुमार (38) निवासी गोविंदपुरम, योगेश कुमार निवासी शास्त्री नगर गाजियाबाद, दीपक कुमार निवासी राजनगर के अलावा इंजीनियरिंग छात्र आसिफ निवासी लोहारपुरा घायल हो गए थे। घायल सुनील का यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। जहां उपचार के दौरान शनिवार को तड़के करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

13 माह पूर्व भाई की जा चुकी जान
सुनील कुमार के चचेरे भाई अरूण कुमार उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता हैं। यह परिवार मूल रूप से बिहार के कैमूर जनपद के महुआरी गांव का रहने वाला है। सुनील के बड़े भाई मनोज सिंह की 13 माह पूर्व रांची में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार में सुनील की पत्नी के अलावा बेटी अंशिका (15) व बेटा अंकुश (11) हैं। लगभग 16 साल पहले सुनील रोजगार के सिलसिले में गाजियाबाद में आए थे। पिछले 6 साल से वह गोविंदपुरम के सरस्वती विहार में सपरिवार रह रहे थे। 

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