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delhi anaj mandi fire tragedy cbi inquiry

अनाज मंडी अग्निकांड: जांच में जुटी CBI की CFSL टीम, 15 दिनों में खुलेंगे सारे राज!

  • Updated on 12/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिल। अनाज मंडी (Anaj Mandi) अग्निकांड में जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसकी जांच के लिए सीबीआई (CBI) की सीएफएसएल (CFSL) टीम, क्राइम ब्रांच और बीएसईएस की टीम तफ्तीश शुरू कर दी है। सीएफएसएल की 8 सदस्यीय टीम ने फैक्ट्री में से करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद अहम सबूत जुटाए। आशंका है कि पंद्रह दिनों के भीतर सीएफएलएल की रिपोर्ट आ जाएगी, जिसमें आगजनी के मुख्य कारणों का पता चल जाएगा।

इधर क्राइम ब्रांच की टीम 9 चश्मदीदों और फैक्ट्री मालिक रिहान से करीब कई घंटे की पूछताछ के बाद बीती रात उसके बहनोई व बिल्डिंग में पार्टनर सुहैल (32) को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, रिहान के दूसरे भाई इमरान की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम ने छह जगहों पर छापेमारी की, लेकिन वह अभी तक फरार हैं।

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बड़ी संख्या में मजदूर वापस जाने को तैयार नहीं
मालिकों ने भी मजदूरों से अपने-अपने गांव जाने के लिए कह दिया है। कुछ तो अपने गांव लौट भी गए हैं, लेकिन मजदूरों का बड़ा तबका वापस जाने को तैयार नहीं है। एक मजदूर आसिफ ने कहा कि वह 10 साल की उम्र से यहां काम करने आया था। काम सीखने के दौरान उसे बस खाने और रहने को जगह दी गई थी। काम सीखने के बाद उसे पहले तीन हजार दिए जाने लगे। अब मालिक उसे 10 हजार रुपए दे रहा है। जिस फैक्ट्री में आसिफ काम करता है, वहां 13 लोग रहते हैं। 

आसिफ का कहना है कि सभी का खाना एक ही जगह बन जाता है, कम रुपए में खाने का भी जुगड़ हो जाता है। ज्यादातर पैसे बचाकर वह अपनी मां के पास गांव में सिवान, बिहार भेज देता है। एक कारीगर ने कहा साहब वह तो बिहार से आया है। यहां नहीं तो कहीं और काम कर के अपना पेट भरने का इंतजाम कर ही लेगा।

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फैक्ट्रियों में काम बंद
समस्या तो दिल्ली के लोगों को ही होगी। वहीं, कुछ ऐसे कारीगर भी मिले, जिन्हें काम बंद होने की स्थिति में रोजी-रोटी का डर सता रहा है। उनका मानना है कि वे पिछले कई सालों से यहां पर काम करते रहे हैं, आगे मालिक काम को बंद करेगा या नहीं यह अभी कुछ पता नहीं। वहीं, इन फैक्ट्री में कारीगरों को खाने की सप्लाई करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसका भी काम बंद करवा दिया गया है। उसने किराए पर एक कमरा ले रखा था, जहां खाना पकाने के बाद वह उसकी सप्लाई करता था। प्रॉपर्टी मालिक ने गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होने की बात कहते हुए परिसर खाली करवा लिया।

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फैक्ट्रियों पर हुई तालाबंदी से मजदूर हुए बेरोजगार
एक वरष्ठि पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी मृतकों की पहचान कर उनका पोस्टमार्टम करा लिया गया हैं। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम सबूत होगी, जिसमें ये बात साफ हो पाएगी कि कितने लोगों की जलने और कितने लोगों की दम घुटने से मौत हुई है। वहीं दूसरी बीएसईएस विभाग द्वारा भी रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों का पता चल सकेगा। 

उधर, फैक्ट्रियों पर हुई तालाबंदी ने मजदूरों को बेरोजगार कर दिया है। यही वजह है कि अब उन्हें अपनी रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है। बुधवार को अनाज मंडी इलाके में मजदूर आक्रोषित होकर नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि अब वह अपने परिवार को कैसे पालेंगे। गांव में परिवार के कई सदस्य उनकी कमाई पर आश्रित हैं। कुछ मजदूरों ने हंगामा और नारेबाजी भी की, लेकिन बाद में उन्हें फैक्ट्री मालिकों ने शांत करा दिया। कोई भी मजदूर वापस जाने को तैयार नहीं है। वह दिल्ली में ही रहकर कुछ न कुछ कामधंधा कर पेट पालने की कोशिश करेंगे।

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