Saturday, Jul 20, 2019

जब पब्लिक करे हमला तो ऐसे में क्या पुलिस खो देगी अपना विवेक?

  • Updated on 6/20/2019

दिल्ली (New Delhi) के मुखर्जीनगर (Mukharji Nagar) में ऑटो चालक (Auto Driver) और पुलिसवालों के बीच हुआ विवाद दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) तक पहुंचा। इस मामले में कोर्ट ने पुलिसवालों को फटकार लगाई। दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने भी पुलिस के बर्बरतापूर्ण व्यवहार के लिए उनकी निंदा की। सिखों के समूह ने पुलिस वालों को बर्खास्त करने की मांग की। मामले में 3 पुलिस वालों को बर्खास्त कर दिया गया है।

एक ऑटो चालक सरेआम देश की राजधानी दिल्ली में पुलिसवालों को कृपाण से डराता है। लगभग 5- 6 पुलिस वाले उससे डर कर भाग रहे होते हैं। एक पुलिस वाला उसे काबू करने की कोशिश करता है। ऑटो चालक का बेटा लगातार पुलिस वाले को थप्पड़ मार रहा होता है, लेकिन पुलिसवाला ऑटो चालक को काबू करने की कोशिश जारी रखता है। इस दौरान वो जख्मी भी हो जाता है, लेकिन अंत तक कोशिश करता है और ऑटो चालक पुलिस वालों के कब्जे में आ जाता है।

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पुलिस का ऑटो वाले को पीटना न्यायिक नहीं?

अब सवाल ये है कि जब कोई इस प्रकार से कानून के रक्षकों को डराएगा, उन पर हमला करेगा तो पुलिस वालों को उसके साथ कैसा बर्ताव करना चाहिए? पुलिस के कब्जे में आते ही पुलिस वालों ने उसे बेरहमी से पीटा जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ और पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। पुलिस वालों को ऑटो चालक और उसके बेटे पर गुस्सा आना स्वाभाविक था, लेकिन पुलिस वालों का ऑटो चालक को इतनी बेरहमी से पीटना न्याय संगत नहीं था, पुलिस लोगों की रक्षा के लिए है उन्हें डराने के लिए नहीं। दिल्ली हाई कोर्ट और सरकार का तो यही मानना है।

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पुलिस को नहीं खोना चाहिए विवेक?

अगर यही घटना किसी बड़े नेता के साथ की गई होती या किसी भी बड़े रुतबे वाले व्यक्ति के साथ होती तो उसे भी अपने विवेक से काम लेना चाहिए और मनुष्य की भांति नहीं ईश्वर की भांति व्यवहार करते हुए उसको माफ कर देना चाहिए। दिल्ली हाई  कोर्ट की मानें तो पुलिस को हिंसा का मार्ग अपनाना ही नहीं चाहिए था। पुलिस केवल जनता या फिर देश के सम्मानित नेताओं की रक्षा के लिए है। पुलिस को खुद की रक्षा करने का कोई अधिकार नहीं है और न ही किसी हमलावर पर गुस्सा करने का। 

दिल्ली में बढ़ते अपराध को लेकर आए दिन चर्चा होती रहती है लेकिन क्या इस मामले में पुलिस वालों को सस्पेंड कर सरकार ने सही किया? क्या उस व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जो बिना किसी डर के सरेआम हथियार दिखा पुलिस को धमका रहा था? सवाल कई है जिनके जवाब में दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला है - पुलिस वालों को किसी भी स्थिति में विवेक नहीं खोना चाहिए...  

लेखिका: कामिनी बिष्ट

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