Monday, Apr 12, 2021
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मुखर्जी नगर में ऑटो चालक की पिटाई के बाद पीड़ित ने बताई अपने साथ हुई आपबीती

  • Updated on 6/18/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली के मुखर्जी नगर (Delhi, Mukherjee Nagar) में देर रात को हुए बवाल के बाद तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि, ये पूरा मामला एक ऑटो चालक की पिटाई से शुरू हुआ है जिसके बाद गुस्साए लोगों ने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया।

ऑटो चालक सबरजीत (Auto Driver Sarbjit) और उसके बेटे की पिटाई के बाद उसी के सिख समुदाय (Sikh Community) के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद ये प्रदर्शन करीब देर रात 3 बजे तक चला।

दरअसल, ये मामला रविवार देर रात को शुरू हुआ जहां एक सिख ऑटो चालक और पुलिसकर्मी (Police) के बीच झगड़ा शुरू हो गया जिसके बाद उस ऑटो चालक ने अपने बचाव के लिए कृपाण निकाल लिया।

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इसके बाद सभी पुलिसवालों ने इकट्ठा होकर बीच रोड पर चालक सरदार और उसके बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी। करीब आधे घंटे तक मुखर्जी नगर मेन रोड पर चालक सरदार को पुलिस पीटती रही। सरदार को कोई लाठी से मार रहा था, कोई डंडा से तो कोई लात घूसों से। इस बीच दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने भी इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है।

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पीड़ित सरबजीत ने बताई अपने साथ हुई घटना

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बता दें कि, इस घटना के बाद पीड़ित सरबजीत का बयान भी सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि, "मेरे शरीर पर लगे चोट के निशान आपको बता देंगे कि मेरे साथ क्या हुआ है। क्या यह काम है दिल्ली पुलिस का? ऐसा तो किसी भागे हुए अपराधी के साथ भी नहीं किया जाता है। अब तो सभी पुलिसवालों के खिलाफ मैं रपट लिखवाऊंगा, जिन्होंने दरिंदों की तरह मुझे और मेरे बेटे को सरेआम बेरहमी से पीटा, घसीटा, बालों को खींचा"।

इसके बाद उन्होंने कहा कि, "मैने कृपाण से उन पर हमला नहीं किया जो लोग मुझ पर इस तरह का सवाल उठा रहे हैं उनसे मैं यही बोलना चाहुंगा कि अगर मैंने गलती की भी थी तो पुलिस का काम थाने से पुलिसवाले बुलाकर पीटने का है क्या? वर्दी का रौब कौन दिखाता है? उनका काम हमें बचाने का है या बुरी तरह मारने का"।

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रातभर सो नहीं पाया। ऐसे जख्म दिए हैं जो जिन्हें भरने में काफी समय लग जाएगा और साथ ही इन जख्मों को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। बहस के बाद मैं और मेरा बेटा घर जा रहे थे...लेकिन नहीं। पुलिसवाला थाने में गया और वहां से पूरी फौज बुलाकर ले आया। अगर वो नहीं आते तो कुछ नहीं होता। जब मैंने देखा कि 10-12 पुलिसवाले मुझपर हमला कर रहे हैं तो मैंने कृपाण का इस्तेमाल किया, सेल्फ डिफेंस के लिए। काश लोग मेरे जख्म देखकर मेरे साथ खड़े होते।

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