Wednesday, Jan 19, 2022
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सात लाख रुपए में दिल्ली पुलिस, जेल वार्डन उप्र, आईटीबीपी, सीटेट की परीक्षा में कराते थे पास 

  • Updated on 12/9/2021

नई दिल्ली, (टीम डिजिटल) :दिल्ली से सटे नोएडा में थाना सेक्टर 58 पुलिस ने बुधवार रात सॉल्वर गैंग के चार सदस्यों को सेक्टर 62 से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि चारों आरोपी सॉल्वर गैंग के सदस्य है। आरोपी सात लाख रुपए में मुन्ना भाई बनकर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते थे। 

नोएडा जोन एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान राघवेन्द्र पुत्र प्रेम कुमार निवासी फिरोजाबाद (अभ्यर्थी), विकास कुमार पुत्र गोपीचंद निवासी फिरोजाबाद (सॉल्वर/सरगना), संजय कुमार पुत्र रामशंकर निवासी फिरोजाबाद (क्लाइंटो को विकास से मिलाने वाले ) और अनीश चाहर पुत्र रमेश चाहर निवासी फतेहपुर सीकारी जिला आगरा (क्लाइंटो को विकास से मिलाने वाले ) शामिल है। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल, दो फर्जी प्रवेश पत्र, 52,150 रुपए, 46 व्हाटसएप चैटिंग प्रिन्ट आउट, 10 पेन कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुए हैं। 
 

कोचिंग सेन्टर में तलाशत था क्लाइंट को
एडीसीपी ने बताया कि पुलिस विकास जनपद फिरोजाबाद में बप्पा कैम्पस नाम से कोचिंग सेन्टर चलाता है। यहां पर विकास द्वारा दिल्ली पुलिस, जेल वार्डन उप्र, आईटीबीपी, सीटेट, एसएससी जीडी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। यहां पर ही आरोपी विकास अपने क्लाइंट को टारगेट करता था। विकास ने अभी 10-12 अभ्यार्थियों के जगह पर स्वयं बैठ कर परीक्षा दी है। यह गैंग दिल्ली पुलिस, जेल वार्डन उप्र, आईटीबीपी, सीटेट, एसएससी जीडी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में अपने सॉल्वर बैठाता है। इसके लिए पहले से ही परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र लेकर फर्जी आधार, पेन कार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार कर लिए जाते थे। 

सात लाख में डील होती थी तय
एडीसीपी ने बताया कि सारे काम की जिम्मेदारी संजय व अनीश चाहर की है। अनीश व संजय विकास को उन लडक़ो से मिलवाते है जिनका विकास को पेपर देना होता है ये लोग पांच से 7 लाख रुपए एक व्यक्ति से तय करते थे। इसमे विकास के दो लाख होते थे। विकास यह काम पिछले कई वर्षो से कर रहा है। पूछताछ में पता चला कि विकास द्वारा राघवेन्द्र के स्थान पर बैठकर परीक्षा दी जा चुकी है। वही 9 दिसम्बर को भी विकास द्वारा परीक्षा देनी थी जिसका पुख्ता इंतजाम कर लिया था। फर्जी आधार व पैन कार्ड का बनाने का काम रिंकू यादव निवासी डाक खाने के पास शिव कम्प्यूटर वाले सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद तैयार करता है। 
 

इन प्रतियोगी परीक्षाओं में देते परीक्षा 
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली पुलिस, जेल वार्डन उप्र, आईटीबीपी, सीटेट, एसएससी जीडी परीक्षाओं पास होने की गारंटी देते थे। यह गैंग पिछले करीब चार-पांच वर्षो से यह काम कर रहा था। आरोपियों ने पूछताछ में कई युवकों को पास कराने की बात कुबूल की। एडीसीपी ने बताया कि इनके द्वारा पास कराए जाने वाले युवकों का भी पता लगाया जा रहा है। 
 

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