Monday, Nov 28, 2022
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हाथरस सामूहिक बलात्कार पीड़िता के परिवार को दिल्ली पुलिस ने उठाया, बैठे थे धरने पर

  • Updated on 9/29/2020


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में बर्बर सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 19 साल की युवती की दिल्ली के अस्पताल में मंगलवार को मौत हो गयी। घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे पीड़ित परिवार को दिल्ली पुलिस ने जबरन उठा लिया है। खास बात यह है कि हाथरस की घटना ने सभी को निर्भया कांड की भयावहता याद दिला दी है। 

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14 सितंबर को चार लोगों ने इस दलित युवती के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया। इस दौरान उसके साथ की गई क्रूरता के कारण पहले उसे अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे बेहद नाजुक हालत में, रीढ़ की हड्डी में चोट, पैरों और हाथों में लकवा और कटी हुई जीभ के साथ दिल्ली के अस्पताल में सोमवार को भर्ती कराया गया। हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने युवती के परिवार के हवाले से बताया कि वह सोमवार की रात भी नहीं काट सकी, और तड़के करीब तीन बजे उसकी सांसों की डोर टूट गयी। 

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युवती की मौत की खबर मिलते ही सफदरजंग अस्पताल के बाहर, विजय चौक पर और हाथरस में प्रदर्शन शुरू हो गए। राजनीति, खेल, फिल्म, जगत से लेकर अधिकार कार्यकर्ता और सामान्य लोग भी ट्ट्विटर सहित तमाम मंचों पर अपना दुख और गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। युवती के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। हाथरस के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और युवती की मौत के बाद उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में धारा 302 (हत्या) भी जोड़ी जाएगी। 

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घटना की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया था, 14 सितंबर को युवती अपनी मां के साथ खेतों में गयी थी और वहां से वह लापता हो गयी। बाद में जब वह मिली तो उसके शरीर पर चोट, प्रताडऩा के निशान थे और उसकी जुबान कटी हुई थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया था और उसी से बचने के क्रम में युवती ने अपनी जीभ काट ली थी। अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि उसके दोनों पैरों में लकवा हो गया और हाथों में आंशिक रूप से लकवा था। 

 दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर आजाद ने कहा कि वह दलित समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति से अनुरोध करते हैं कि वे सड़कों पर उतरें और दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग करें। आजाद ने कहा, ‘‘सरकार को हमारे धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। दोषियों को फांसी मिलने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।’’ आजाद ने राज्य सरकार को भी युवती की मौत के लिए ‘‘समान रूप से जिम्मेदार ठहराया।’’ 

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा महिला मोर्चा की चुप्पी पर ‘‘सवाल उठाया’’। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश देश में ‘‘अपराध की राजधानी’’ बन गया है। पार्टी ने युवती के लिए न्याय की मांग करते हुए विजय चौक पर प्रदर्शन भी किया। पार्टी ने कहा कि उसके नेता पी.एल. पुनिया, उदित राज और अन्य को प्रदर्शन करने के कारण मंदिर मार्ग थाने में हिरासत में रखा गया है।      कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘‘वर्ग-विशेष के जंगल-राज’’ ने और एक युवती की जान ले ली है। 

राहुल ने ट्वीट किया है, ‘‘उत्तर प्रदेश के ‘वर्ग-विशेष’ जंगलराज ने एक और युवती को मार डाला। सरकार ने कहा कि ये फ़ेक न्यूका है और पीड़िता को मरने के लिए छोड़ दिया। ना तो ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना फ़ेक थी, ना ही पीड़िता की मौत और ना ही सरकार की बेरहमी।’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट््वीट किया है, ‘‘हाथरस में हैवानियत झेलने वाली दलित बच्ची ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो हफ्ते तक वह अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझती रही। हाथरस, शाहजहांपुर और गोरखपुर में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य को हिला दिया है।’’ 

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उन्होंने लिखा है, ‘‘...यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है। अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं। इस बच्ची के क़ातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उप्र की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आप जवाबदेह हैं।’’ बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपना गुस्सा व्यक्त किया है। मायावती ने ट्वीट किया है, ‘‘यूपी के हाथरस में गैंगरेप के बाद दलित पीड़िता की आज हुई मौत की खबर अति-दु:खद। सरकार पीड़ित परिवार की हर संभव सहायता करे व फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर अपराधियों को जल्द सजा सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह माँग है।’’ 

 

 

 

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