Tuesday, Nov 30, 2021
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दिल्ली दंगा: सबूतों के आभाव में लूट व आगजनी के पांच आरोपी बरी

  • Updated on 11/24/2021

दिल्ली दंगा: सबूतों के आभाव में लूट व आगजनी के पांच आरोपी बरी
डीसीपी को आईओ की जांच शैली की रिपोर्ट पेश करने के आदेश

 

पूर्वी दिल्ली, 24 नवम्बर (नवोदय टाइम्स): कडक़डड़ूमा कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट की अदालत ने दिल्ली दंगों के दौरान न्यू उस्मानपुर इलाके में घर व दुकान में लूटपाट के बाद आग लगाने के एक मामले में सोमवार को ने पांच लोगों को आरोप मुक्त किया था। मंगलवार को अदालत ने इस मामले में विस्तृत आदेश दिया है। 

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने इस मामले में एक ही गवाह पेश किया, जो कि खुद पीड़ित व शिकायतकर्ता था। शिकायतकर्ता आरोपियों की पहचान भी नही कर पाया। पीड़ित शिकायतकर्ता ने थाने में तस्वीरों के मध्यम से आरेापियों की  पहचान की थी।

आरोपियों को बरी करते हुए अतिरिक्त सत्र अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता को हुई वित्तीय हानि और मानसिक पीड़ा के प्रति अदालत असंवेदनशील नहीं है। लेकिन, संवेदनशीलता या फिर भावनाओं के आधार पर अदालत किसी भी आरोपी के भाग्य का निर्णय नहीं कर सकती है। 

पर्याप्त साक्ष्य और कानूनी आधार पर ही अदालत फैसला ले सकती है। इस मामले में अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में नाकाम रहा है। आरोपपत्र से यह कहीं पता नहीं चलता कि जांच अधिकारी ने अन्य गवाहों को तलाशने के लिए कोई प्रयास किया भी या नहीं। ऐसा नहीं है कि वारदात नहीं हुई है, सबूतो की कमी के चलते अदालत आरोपियों को बरी कर रही है। 
जांच शैली की जांच करें डीसीपी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने उत्तर पूर्वी जिला डीसीपी को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने डीसीपी को आदेश दिया है कि वह आईओ के  द्वारा की गई जांच के तरीके की जांच करें। अदालत ने यह आशंका भी जाहिर की है कि कहीं जानबूझकर तो अपराधियों को बचाने का प्रयास तो नहीं किया गया। अदालत ने डीपीसी से आईओं की जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई पर अदालत में पेश करने के आदेश दिये हैं।
ये था मामला
दिल्ली दंगों के दौरान गामड़ी रोड स्थित सुदामापुरी में अजीजिया मस्जिद के पास रहने वाले फिरोज खान ने एफआईआर दर्ज करवाई थी कि दंगाइयों ने 25 फरवरी को उनके घर से नौ लाख रुपये नकद, 4.50 लाख रुपये के जेवर लूटने के बाद घर में आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में राजकुमार, मनीष शर्मा उर्फ मोनू, राजकुमार उर्फ सिवैयां, इशु गुप्ता और प्रेम प्रकाश उर्फ  काके को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सबूतों के आभाव में सभी आरेापियों को बरी कर दिया।

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