Thursday, Aug 16, 2018

देवरिया यौन शोषण कांड : आरोपी गिरिजा त्रिपाठी ने शेल्टर होम से कमाई खूब दौलत

  • Updated on 8/9/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के बाद यूपी के देवरिया यौन शोषण कांड ने सियासी भूचाल लाकर रख दिया है। देवरिया जिले में एक सिलाई सेंटर चलाने वाली सामान्य महिला सिर्फ लालच में मां विन्ध्यवासिनी शेल्टर होम की असरदार मैनेजर बन गई। इस शेल्टर होम पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप है। शेल्टर होम की मैनेजर गिरिजा त्रिपाठी का जन्म खुखुंडू पुलिस स्टेशन के रूपाई गांव में हुआ था। उनकी शादी देवरिया के नूनख्वार गांव के मोहन त्रिपाठी से हुई थी। 

जेपी ग्रुप के खिलाफ दिवालिएपन की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

मोहन भटनी शुगर मिल में एक छोटा कर्मचारी था जबकि गिरिजा अपनी आर्थिक स्थित ठीक करने के लिए सिलाई केंद्र चलाती थी। गिरिजा को अपनी ताकत का एहसास तब हुआ जब भाटनी शुगर मिल के प्रबंधन से अपने पति की नौकरी के लिये संघर्ष किया। भटनी के रहने वाले राजेश कुमार ने बताया कि शुगर मिल की आॢथक स्थिति ठीक न होने के कारण मोहन की नौकरी चली जाने का खतरा उत्पन्न हो गया तब गिरिजा ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया और आखिर में मिल प्रबंधन को झुकना पडा।

जेट एयरवेज के फाउंडर चेयरमैन नरेश गोयल को अब उठानी पड़ रही है शर्मिंदगी

भटनी में प्रौढ़ शिक्षा सेंटर बनने पर वह प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क में आई और वह प्रौढ़ लोगो को प्रशिक्षण भी देने लगी। बाद में देवरिया चली आई और यहां रेलवे स्टेशन रोड पर मां विन्ध्यवासिनी सेवा संस्थान नामक शेल्टर होम और स्वंय सेवी संस्था चलाने लगी। करीब दो दशक तक गिरिजा ने काफी पैसा कमाया और उसने गोरखपुर में एक वृध्दा आश्रम खोल दिया, इसके अलावा देवरिया के राजला इलाके और रेलवे स्टेशन रोड पर शेल्टर होम भी चलता रहा। 

अदालतों को लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए : चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा

उसकी बड़ी बेटी कनकलता फिलहाल पुलिस हिरासत में है और वह जिला प्रोबेशन अधिकारी गोरखपुर में संविदा पर काम करती है । उसका पुत्र एक शिक्षित अध्यापक है । छोटी बेटी कंचनलता देवरिया के शेल्टर होम की अधीक्षिका थी। गिरिजा के देवरिया में शेल्टर होम खोलने के साथ ही उसके काफी रसूखदार लोगों से संबंध हो गये । 

गुजराल बोले- चुनाव जीतने के लिए BJP को 'वाजपेयी जैसे व्यवहार' की जरूरत

इसके सबूत वह फोटोग्राफ है जिनमें वह नेताओं और अधिकारियों के साथ दिख रही है। उसकी स्वंय सेवी संस्था का लाइसेंस लाइसेंस 2017 में समाप्त हो गया था इसके बावजूद प्रशासन उसे अनेक सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रित करता रहा । यहां तक कि इस वर्ष नौ फरवरी में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भी उसे बुलाया गया था।

तो क्या सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणियों से घबरा गई है मोदी सरकार?

प्रतापगढ़ के 2 आश्रय गृहों से 26 महिलाएं गायब
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी शंभु कुमार ने दो आश्रय गृहों में अचानक छापा मारा तो निरीक्षण के दौरान वहां रहने वाली छब्बीस महिलाएं गायब पायी गयी। उन्होंने दोनों आश्रय गृहों के जांच का आदेश दिया है। जिलाधिकारी शंभु कुमार ने कल शाम अष्टभुजा नगर के जागृती स्वाधार महिला आश्रय पर छापेमारी की तो इसकी संचालिका तथ भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रमा मिश्रा ने पंजीकृत महिलाओं की संख्या सोलह बतायी,जबकि मौके पर एक महिला रजिया मिली। शेष के बारे में बताया गया की बाहर काम करने गयी है। 

AAP, कांग्रेस में उपसभापति चुनाव के बाद भी नहीं थम रही है तकरार

उप जिलाधिकारी सदर सत्य प्रकाश सिंह ने अचलपुर स्थित स्वाधार केंद्र पर देर रात निरीक्षण में 15 में से 12 महिलाएं गायब पाई गई। संचालिका नेहा परवीन ने बताया कि सरकार से कोई फंड नहीं मिलता, वह स्वयं के खर्च पर संचालन करती है। जबकि शाम को जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया तो एक भी महिला नहीं थी, सिर्फ 3 बच्चियां मौजूद थी। लेकिन देर रात तक महिलाएं क्यों वापस नहीं लौटी इसका उत्तर प्रशासन को नहीं मिल सका। जिलाधिकारी ने कहा की सत्यापन में 26  महिलाएं गायब पायी गयी हैं और मामले की जांच करायी जा रही है । महिलायें कहाँ गयी, क्यों गयी हैं इसकी जांच के बाद दोनों केन्द्रों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी । 

नेशनल हेराल्ड केस : दोबारा टैक्स आकलन के खिलाफ कोर्ट पहुंचे राहुल

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.