dmrc-employee-allegedly-committed-suicide-on-sunday-by-hanging-himself

मेट्रो के मेंटेनेंस इंजीनियर ने फेसबुक लाइव पर जान दी

  • Updated on 8/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शाहदरा  (Shahdara) इलाके में रविवार को फेसबुक (Facebook) लाइव के दौरान दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) के मेंटेनेंस इंजीनियर ने खुदकुशी कर ली। सुसाइड करने के दौरान इंजीनियर की मौत को फेसबुक मित्रों ने उसे लाइव देखा और जिनमें से एक व्यक्ति ने इसकी जानकारी उसके जानकार दोस्त को दी जिसके बाद सुबह 9 बजे पीसीआर को कॉल को सूचना मिलने के बाद एसआई धीर सिंह शाहदरा के तेलीवाड़ा स्थित फ्लैट में पहुंचे जहां कॉल करने वाला शख्स सूर्यकांत दास और मृतक व्यक्ति के मकान मालिक संजय अरोड़ा पहले से मौजूद थे। मृतक का नाम शुभांकर चक्रवर्ती (Shubhankar Chakraborty) है। हालांकि इस संबंध में डीएमआरसी (DMRC) ने कोई टिप्पणी नहीं 
की है। 

दोस्त की कॉल पर पहुंची पुलिस  
सूर्यकांत ने पुलिस को बताया कि पश्चिम बंगाल का शुभांकर चक्रवर्ती (27) उस बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर रहता था। घटना के वक्त घर अंदर से बंद था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और शुभांकर का शव बरामद किया। इसके बाद क्राइम टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। शुभांकर का फोन कमरे की खिड़की पर मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। हालांकि, घटनास्थल से कोई सूइसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की जानकारी परिवार को दे दी गई है। पश्चिम बंगाल का रहने वाला शुभांकर पिछले लगभग दो माह से संजय अरोड़ा नामक शख्स के दूसरी मंजिल, तेलीवाड़ा, शाहदरा के मकान में किराए पर रहता था। 

उत्तर प्रदेश : दवा के लिए 30 रुपये मांगने पर दिया तीन तलाक, जानें मामला

परिवार का इकलौता बेटा था शुभांकर
शुभांकर के परिवार में पिता (Father) चंचल चक्रवर्ती, एक शादीशुदा बहन नोबानिता चक्रवर्ती व अन्य सदस्य हैं। शुभांकर परिवार में इकलौता बेटा था। लगभग 16 साल पहले इसकी मां की मौत हो गई थी। शुभांकर की मौत के बाद से उसके परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। शुभांकर ने आत्महत्या का यह कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने उसका मोबाइल भी जांच के लिए भेज दिया है। कुछ माह पूर्व ही शुभांकर दिल्ली आया था। लगभग तीन माह पूर्व उसने दिल्ली मेट्रो में मैनटेनर (शिफ्ट इंजीनियर) की नौकरी शुरू की थी। 

Navodayatimes

               फेसबुक लाइव की फुटेज जिसमें शुभांकर (इनसेट)  फंदे पर लटका दिख रहा है। 

कश्मीर पर BBC की रिर्पोटिंग देख भड़के शेखर कपूर, कहा हैरान हूं मैं

लाइव सुसाइड देखकर गमजदा हैं लाखों लोग
दिल्ली मेट्रो में काम करने वाले मेटिंनेंस इंजीनियर की लाइव सुसाइड को अब तक सोशल मीडिया पर 1 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। यही नहीं, जैसे ही उसने सुसाइड के दौरान ‘आई क्विट’ लिखा तो लोगों ने उसे ऐसा नहीं करने के सुझाव भी दिए। हैरानी इस बात की है कि इस लाइव वीडियो को बनाने से पहले इंजीनियर ने कई बार इसका रिहर्सल किया। पुलिस की जांच के मुताबिक उसके वीडियो के कई टेक उसके मोबाइल में मिले हैं, जिससे पता चलता है कि उसने इस सुसाइड से पहले काफी तैयारी की और उसके बाद अंजाम दिया।  

जांच के अनुसार आत्महत्या करने से पहले शुभंकर ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल की कवर फोटो अपडेट की थी। इस फोटो पर लिखा है... ‘आई क्विट’ । इसके अलावा 28 जुलाई को उसने एक फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी। इस फोटो में अंग्रेजी में लिखा हुआ था कि अगर आप मेरे बिना बेहतर महसूस करते हैं तो मैं आपके जीवन में कभी नहीं आऊंगा। उसने ऐसा क्यों लिखा, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि हो सकता है उसका किसी से प्रेम प्रसंग भी हो सकता है। या शुभंकर किसी से एकतरफा प्यार करता हो।

उसने यह भी लिखा...
अगर आप मेरे बिना बेहतर महसूस करते हैं तो मैं आपके जीवन में कभी नहीं आऊंगा।
कुछ दिन पहले ही शुभंकर के पिता उसके पास आए थे।  दोनों के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। बता दें कि कुछ माह पूर्व ही शुभंकर दिल्ली आया था। बताया जाता है कि शुभंकर किसी लड़की को चाहता था जिसको लेकर पिता भी नाराज थे। इसी के चलते पिता भी उसके घर पर ज्यादा दिन तक नहीं रुके। 
 

अभिनेत्री स्वरा भास्कर उतरीं कश्मीरी छात्रों के सर्मथन में, कहा दिल्ली वाले दिखाएं अपना दिल

सोशल मीडिया पर उसे रोका गया था
शुभंकर के दोस्तों ने जब लाइव सुसाइड का वीडियो देखा तो उसे फेसबुक पर रोकना चाहा। एक दोस्त ने पहले पुलिस को फोन किया और उसके घर की तरफ भागा। लेकिन तब तक शुभंकर आत्महत्या कर चुका था। शुभंकर का ये फेसबुक वीडियो इतना टें्रड हुआ कि इसे एक घंटे में एक लाख से ज्यादा लोगों ने देखा। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.