Sunday, Oct 02, 2022
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जमानत के बाद भी जेल में बंद कैदियों के प्रति अदालत नरम

  • Updated on 4/15/2022

जमानत के बाद भी जेल में बंद कैदियों के प्रति अदालत नरम
 

पूर्वी दिल्ली 15 अप्रैल  (नवोदय टाइम्स): उत्तर.पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के जेल में बंद आरोपियों में बड़ी संख्या ऐसे आरोपियों की है जो एक साल पहले जमानत मिलने के बावजूद जमानती न मिलने से जेल से बाहर नहीं आ सके हैं। 

दरअसल, दिल्ली दंगे के एक-एक आरोपी पर 15 से 20 मुकदमे दर्ज हैं।  करीब दर्जनभर आरोपियों को अदालत से सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन इन मामलों में उन्हें 20 से 30 हजार रुपये का अलग-अलग निजी मुचलका और एक जमानती पेश करने को कहा गया है। आरोपी मुचलका व जमानती करने में समर्थ नहीं हैं, जिसके कारण ये सभी आरोपी एक साल से ज्यादा समय से जेल में रहने को मजबूर हैं।
 

एक जमानती पर रिहाई के आदेश
कडक़डड़ूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट की अदालत के संज्ञान में जब यह बात आई तो अदालत ने इन आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाते हुए आरोपियों को राहत देने का निर्णय लिय है। अदालत ने आरोपियों की याचिका पर आदेश जारी किया कि इनके खिलाफ  लंबित 15 से 20 मामलों में अलग.अलग जमानती पेश करने की बजाय एक जमानती के आधार पर इन्हें रिहा कर दिया जाए।

साथ ही अदालत ने इन आरोपियों के 20 हजार रुपये के निजी मुचलके को घटाकर पांच हजार रुपये कर दिया है। हालांकि यह आदेश उन्हीं आरोपियों के मामलों में लागू होगा, जिन्होंने अदालत से गुहार लगाई है।


 

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