Wednesday, Dec 06, 2023
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fir on the villagers of 4 villages, the work of the residential project was stopped

4 गांव के ग्रामीणों पर एफआईआर, रूकवाया था आवासीय प्रोजेक्ट का काम, जांच कर रही पुलिस

  • Updated on 5/19/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। ग्रामीणों ने 21 दिन के भीतर 2 बार आवासीय प्रोजेक्ट का काम जबरन रूकवा दिया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने 4 गांव के 27 व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। गाली-गलौच करने, धमकी देने, रंगदारी के लिए दबाव बनाने और बलवा किए जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। 

बिल्डर व ग्रामीण आमने-सामने
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में आवासीय प्रोजेक्ट वेव सिटी पर काम चल रहा है। उप्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्रा.लि. कंपनी का यह प्रोजेक्ट है। कंपनी प्रतिनिधि दीपक पाठक निवासी काजीपुरा डासना ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

लंबे समय से चल रहा विवाद
पुलिस के मुताबिक कंपनी को नायफल गांव की भूमि विगत 4 अक्तूबर 2011 को जीडीए से लीज डीड पर मिली थी। इसके अलावा कुछ भूमि खरीदी गई थी। 19 अप्रैल को कुछ हथियारबंद व्यक्तियों ने साइट पर पहुंच कर जबरन कार्य बंद करा दिया था। बाद में कार्य शुरू कराया गया, मगर 10 मई को पुन: कामगारों को धमका कर रूकावट डाली गई।

पुलिस ने शुरू की विवेचना 
आरोप है कि कंपनी के काम में बेवजह बाधा उत्पन्न की जा रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 17 नामजद और 10 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि परमानंद, रामानंद, श्रीप्रकाश, गौरव, सौरभ, संदीप, प्रदीप, प्रथम, अरविंद निवासी ग्राम नायफल पर मामला दर्ज कराया गया है।

ग्रामीणों ने कहा, वायदे पूरी नहीं 
इसके अलावा लोकेश नागर निवासी सादतनगर इकला, रूपम यादव, विक्की व ब्रजेश निवासी शाहपुर बम्हैटा और धर्मपाल शर्मा, नानक व प्रमोद निवासी महरौली आदि पर बलवा, रंगदारी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर की गई है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने जो वायदे किए थे, उन पर आज तक अमल नहीं किया गया है। प्रभावित गांवों में समुचित विकास कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं।
 

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