Friday, Sep 30, 2022
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friend turned out to be the murderer of the mother-in-law

जिसे सौंप गया था परिवार की जिम्मेदारी, वही दोस्त निकला सास-बहू का कातिल

  • Updated on 8/18/2022

नई दिल्ली/ पंकज वशिष्ठ। जिस दोस्त पर सबसे ज्यादा भरोसा कर पत्नी और मां को छोड़ कर गया, भरोसा इतना किया कि जब भी पैसे मांगे तो लाखों दे दिए,लेकिन उसे क्या पता था कि उसका दोस्त उसका हमदर्द ही उसके खुशियों से भरे घर को उजाड़ देगा और जिनको उनके सहारे छोड़ कर गया है, उनकी ही हत्या कर देगा। वेलकम इलाके में सास बहू हत्याकांड में कुछ ऐसा ही हुआ।

पुलिस ने हत्या मामले में घर के मुखिया के दोस्त और उसके सबसे करीबी हमदर्द हर्षित को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हत्या का जूर्म कबूल करते हुए कहा है कि उसके ऊपर भारी कर्ज था और उसे अपने दोस्त के करीब 5 लाख भी चुकाने थे,नतीजतन उसने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया। बता दें कि बीते मंगलवार को तड़के सुबह वेलकम इलाके के एक घर में सास  बहू की हत्या कर दी गई थी। 

मां और पत्नी का नहीं आया फोन तो हुआ शक 
शशांक के मुताबिक, जैसे ही वह अपने घर से निकला था और जब भी वह कहीं जाता था तो अक्सर पत्नी और मां उससे लगातार फोन पर बात करते रहते थे, लेकिन 13 अगस्त की रात नौ बजे के बाद विमला देवी ने किसी को फोन नहीं किया। जिससे शशांक परेशान हो गया और उसने हर्षित को फोन कर हालचाल मांगा तब भी उसने ठीक बताया,लेकिन जब पड़ोसियों ने देखा कि कोई घर से बाहर नहीं निकला है और कुत्ता लगातार भौंक रहा है तो शक होने पर पड़ोसियों ने दरवाजा खुलवाया तो देखा सास और बहू मृत थी, जिसके बाद पुलिस को बाहर घूमने गए बेटों ने सूचित किया। 

हत्या के बाद भी बना रहा हमदर्द
आरोपी हर्षित को हत्याकांड के बारे में पता था, लेकिन जब उसके दोस्त शशांक ने उसे फोन पर मां और पत्नी की हत्या की बात कही तो सीधे घर पहुंचा। उसी समय पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी, सबसे पहले उसने ही पुलिस के परिजनों के बारे में बताया और लूटपाट वाली जगहों को दिखाया। पुलिस भी उस समय उस हत्यारे से अंजान थी क्योंकि शशंाक ने भी फोन पर हर्षित का नाम पुलिस को बताया था।

सीसीटीवी और कुत्तों की गतिविधि से मिला सुराग

डीसीपी संजय सेन ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर में लूटपाट साफ थी,लेकिन किसने की इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए,लेकिन पुलिस के लिए ये उलझन थी कि कुत्ते हमेशा अंजान शख्स को घर में आते ही शोर मचाते हैं और घटना में बेहद ज्यादा, लेकिन इस मामले में ये गतिवधि अलग दिखी, जिससे शक हुआ कि ऐसे व्यक्ति ने घटना को अंजाम दिया जो कुत्तों से घुलामिला था। 

दोस्त के निकलने के 12 घंटे बाद 13 अगस्त को की गई हत्या 
आरोपी ने बताया कि 12 अगस्त को उसके दोस्त मां और पत्नी को उसके सहारे छोड़ कर गए थे, उसे पांच लाख चुकाने थे और बाहर एक व्यक्ति उस पर दबाव बना रहा था, जिसके चलते वह 13 अगस्त को मृतकों के घर पहुंचा, उस दौरान घर में कोई नहीं था, हालांकि घर में विदेशी नस्ल का कुत्ता था और हर्षित को जानता था,इसलिए उसने बड़े प्यार से एक कमरे में बंद कर दिया लेकिन पीछे से ही उसी समय डॉली मंदिर से घर आई थीं।

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