Friday, Sep 30, 2022
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नशे के लिये बनाया दोस्त गैंग,करने लगे बंद घरों में चोरी,तीन पकड़े

  • Updated on 4/28/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। शालीमार बाग इलाके में पिछले साल दिसंबर महीने में एक कारोबारी के घर पर चोरी करने की वारदात में शामिल तीन चोर दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों ड्रगस का सेवन करने  के लिये वारदातों को अंजाम दिया करते थे। आरोपियों की पहचान यू एंड वी ब्लॉक, शालीमार बाग में रहने वाले संजय उर्फ सांकी उर्फ पवन, रमन उर्फ फिरोज और मुख्तियार के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे ढाई सौ ग्राम सोने के गहने और सात किलो चांदी जब्त की है। तीनों आरोपी पहले भी कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं।    


 जिला पुलिस उपायुक्त ऊषा रंगनानी ने बताया कि पिछले साल दिसंबर महीने में शालीमार बाग में रहने वाले शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में अपनी बेटी का विवाह समारोह करने गया था। कुछ दिनों के बाद जब वे लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर के ग्राउंड फ्लोर का दरवाजा टूटा हुआ था। घर में तोडफ़ोड़ की गई थी। तलाशी लेने पर सोने चांदी के गहने और नकदी चोरी थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया।

 एसीपी स्वदेश कुमार की देखरेख में एसएचओ  सुधीर शर्मा के निर्देशन में एसआई सचिन धामा हेड कांस्टेबल जंग बहादुर,अनिल,शंभू नाथ और कांस्टेबल संजीव को आरोपियों को पकडऩे का जिम्मा सौंपा गया। पुलिस टीम ने वारदात के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। कई संदिगधों पर नजर रखकर उनसे पूछताछ की। तिहाड़ जेल से बाहर आए बदमाशों की लिस्ट तैयार कर वारदात वाले दिन उनकी लोकेशन को खंगालने की कोशिश की। अपने हयूमैन सॉर्से की सहायता से संदिगधों पर नजर बनाए रखी गई।

काफी मशक्कत करने पर पकड़े गए तीनों आरोपियों के बारे में पता चला कि वारदात के बाद से ही तीनों इलाके से फरार हैं। उनके दिल्ली समेत यूपी के मोहवा और बदायंू जिले के गांवों में छापेमारी की गई। लेकिन वो अपने ठिकाने एक शहर से दूसरे शहर में जल्दी जल्दी बदल रहे थे। वह अपने फोन का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। जिससे पुलिस को उनकी लोकेशन के बारे में पता नहीं लग जाए। काफी मशक्कत के बाद तीनों को एक पुख्ता सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के सोने व चांदी के गहने व अन्य चीजें उनकी झुगिगयों से जब्त की। जिनको वे मामला शांत होने के बाद बेचने की कोशिश करते। चोरी की नकदी उन्होनें ड्रगस का सेवन व खाने पीने आदी में खर्च कर दी थी।
 

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