Thursday, Aug 18, 2022
-->
fugitive-economic-offenders-bill-2018-passed-by-parliament-mallya-nirav-modi-choksi-in-troubles

भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक पारित, इस तरह बुरे फंसेंगे माल्या, ललित, नीरव

  • Updated on 7/25/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। बैंकों से करोड़ों रुपये लेकर आर्थिक अपराधियों के देश छोड़कर फरार होने की बढ़ती प्रवृत्ति पर नकेल कसने वाले भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018 को आज संसद की मंजूरी मिल गई। इस विधेयक में ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें दंडित करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। 

योगी सरकार ने दिया विद्यालयों के नाम से 'इस्लामिया' शब्द हटाने का आदेश

राज्यसभा ने आज इस विधेयक को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह एक समुचित विधेयक है और इसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लाया गया है।  उन्होंने कहा कि इस कानून में यह प्रावधान किया गया है कि आर्थिक अपराध करने वाले भगोड़ों की देश के भीतर और बाहर सभी बेनामी संपत्तियां जब्त की जाएंगी।

GST रिफंड को लेकर बुरी फंसी ई-कामर्स कंपनियां, कराना होगा ऑडिट

गोयल ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के मामलों के लिए विधेयक में प्रावधान किए गए हैं, जिसका मकसद बड़े आॢथक अपराधियों पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि इससे कम राशि वाले मामलों में अपराधी कानूनी कार्रवाई से बाहर रहेंगे। बता दें कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारियों द्वारा बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का रिण लेने के बाद देश से फरार हो जाने की पृष्ठभूमि में यह विधेयक लाया गया है।

AAP के आरोपों के बाद हरकत में आया चुनाव आयोग, VVPAT पर दी सफाई

विधेयक के मकसद और कारण में कहा गया है कि आर्थिक अपराधी दंडात्मक कार्यवाही प्रारंभ होने की संभावना में या कभी कभी ऐसी कार्यवाहियों के लंबित रहने के दौरान भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से पलायन कर जाते हैं। भारतीय न्यायालयों से ऐसे अपराधियों की अनुपस्थिति के कारण कई हानिकारक परिणाम हुए हैं। इससे दंडात्मक मामलों में जांच में बाधा उत्पन्न होती है और अदालतों का कीमती समय बर्बाद होता है।  

लोकपाल सर्च कमेटी में प्रख्यात हस्तियां लाने पर विचार कर रही है मोदी सरकार

आर्थिक अपराधों के ऐसे ज्यादतर मामलों के बैंक कर्ज से संबंधित होने के कारण भारत में बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय स्थिति और खराब होती है।  इसमें कहा गया है कि वर्तमान सिविल और न्यायिक उपबंध इस समस्या की गंभीरता से निपटने के लिए संपूर्ण रूप से पर्याप्त नहीं है। इस समस्या का हल करने और बड़े आर्थिक अपराधियों को हतोत्साहित करने के उपायों के तहत भगोड़ा आॢथक अपराधी विधेयक लाया गया है।  

शिवसेना बोली- भाजपा में CM फडणवीस को बदलने की हो रही है चर्चा

इसमें कहा गया है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने ऐसे अपराध किए हैं, जिनमें 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की रकम सम्मिलित है और वे भारत से फरार हैं या भारत में दंडात्मक अभियोजन से बचने या उसका सामना करने के लिए भारत आने से इंकार करते हैं।  इसमें भगोड़ा आर्थिक अपराधी की सम्पत्ति की कुर्की का प्रावधान किया गया है। 

मुजफ्फरपुर यौन शोषण कांड: तेजस्वी ने नीतीश पर की सवालों की बौछार

इसमें यह भी कहा गया है कि किसी भी भगोड़े आर्थिक अपराधी को कोई सिविल दावा करने या बचाव करने का अधिकार नहीं होगा। ऐसे मामलों में विशेष अदालतों द्वारा समयबद्ध तरीके से सुनवाई की जाएगी और उनके आदेशों के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है। 

राफेल मुद्दे पर PM मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस विचाराधीन

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.