Sunday, Mar 24, 2019

विदेशियों के साथ ठगी करने वाले गैंग का हुआ पर्दाफाश, छह बदमाश पुलिस की गिरफ्त में

  • Updated on 3/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने विदेशियों के साथ ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर छह बदमाशों को धर दबोचा। गैंग सरगना केशवपुरम निवासी मोहित बंसल है। जबकि पीतमपुरा निवासी यशवंत सिंह उर्फ यश 2018 में बॉडी बिल्डिंग में मिस्टर दिल्ली और मिस्टर हरियाणा रह चुका है।

बाकी बदमाशों की पहचान रोहिणी सेक्टर-तीन निवासी उदित, हरि नगर दिल्ली निवासी गुरमान सिंह, हिमाचल के कांगड़ा निवासी रोहित और मणिपुर निवासी पीफोकरेनी के तौर पर हुई है। बदमाशों के पास से सिम बाक्स, 28 सिम, 106 हार्ड डिस्क, दो सर्वर, दो राउटर और सात लाख 40 हजार रुपये कैश बरामद हुआ हैं। 

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पीतमपुरा में संचालित किए जा रहे ऑनलाइन ठगी के इस गैंग के लिए 106 टेलीकॉलर काम कर रहे थे। अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों के लोगों को ठगा:-डीसीपी राजेश देव ने बताया कि एसीपी जसबीर सिंह की टीम को 7 मार्च की सुबह सूचना मिली कि गैंग पीतामपुरा इलाके में छिपा हुआ है।

खबर पुख्ता कर टीम ने बताए हुए स्थान पर ट्रैप लगाकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। छानबीन में पता चला कि गैंग कॉल सेंटर के जरिए विदेशियों के साथ ठगी करने के लिए इंटरनेशनल गेटवे को दरकिनार कर रहा था। अनधिकृत आईएसपी से वीओआईपी मिनट खरीद रहे थे। जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा था।

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इन बदमाशों के द्वारा किए गए संभावित नुकसान का आकलन किया जा रहा है। बदमाशों ने संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों के लोगों के साथ ठगी की हैं। ग्राहकों की समस्या निवारण में मदद करने के लिए गूगल सर्च इंजन भुगतान सेवा लाइसेंस पर पंजीकरण करके अनोखे तरीके से ये बदमाश काम कर रहे थे। 

ठगी का तरीका...
बदमाशों ने खोज परिणाम के शीर्ष स्थान पर रखकर अपनी उपस्थिति बढ़ाई। इसने पहले पृष्ठ पर प्रमुख रूप से उपलब्ध नंबर को कॉल करने के लिए बिना सोचे-समझे ग्राहक को फंसाया। ग्राहक को संदेह नहीं हुआ क्योंकि जालसाज द्वारा उपलब्ध कराया गया हेल्पलाइन नंबर सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर था। जब ग्राहक दिए गए ग्राहक सेवा नंबर को कॉल करता, तो विदेश में स्थित अपने बदमाशों के जानकारी पूरी जानकारी को इन बदमाशों को भेजते थे।

इसके बाद कॉल सेंटर में काम करने वाले टेलीकॉलर और सुपरवाइजर के रूप में काम करने वाले बदमाश ग्राहक को गूगल प्ले कार्ड खरीदने का लालच देते थे और उनके तकनीकी मुद्दों को ठीक करने के बहाने बैंक खाता संख्या सहित अन्य विवरण ले लेते थे।

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ग्राहक को दिए गए गूगल प्ले कार्ड का सुरक्षा कोड ब्लॉकर को दिया गया था जो उसे ऊंची दर पर बेचने का काम करता था। भारत या विदेश में कहीं से बैठकर खातों से पैसा निकालने के साथ प्ले कार्ड को बेचने के बाद चीन से ऑनलाइन भुगतान अवैध तरीकों से इन बदमाशों को भेजा जाता था। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।  

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