Sunday, Nov 28, 2021
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gaziyabad accident: one who came to save died in agony musrnt

बेबस देखते रहे सैकड़ों लोग खौफनाक मौत का मंजर, जो बचाने आया वो तड़प-तड़प कर मरता गया

  • Updated on 9/1/2021

नई दिल्ली/ संजीव शर्मा। गाजियाबाद में बुधवार को हुई तेज बारिश राकेश मार्ग पर रहने वाले पांच लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गई। बारिश के बाद हुए जलभराव में मौत का ऐसा तांड़व हुआ कि सैकड़ों लोग बेबस होकर मौत के इस खौफनाक मंजर को देखते रह गए। चाह कर भी लोग करंट की चपेट में आए तीन बच्चों समेत पांच लोगों को बचा नहीं सके। जिसने भी उन्हें बचाने की कोशिश की वह खुद ब खुद करंट की चपेट में आकर मरता चला गया।

दर्दनाक हादसे के चश्मदीद लोगों का कहना है कि वह चाह कर भी मृतकों को बचाने की हिम्मत नहीं दिखा सके। इस हादसे के बाद से राकेश मार्ग के तानसिंह पैलेसे के पीछे स्थित मोहल्ले में चौतरफा कोहराम मचा हुआ है। एक ओर जहां लोग अपने बच्चों की मौत पर मातम मना रहे हैं, तो कोई अपने घर का चिराग बुझ जाने से बेसुध हो रहा है। हादसे की जानकारी पर मोहल्ले में पहुंचने वाले लोगों का कलेजा भी मातमी चीखों से फटा जा रहा है। पीडि़त परिवारों को लोग ढांढ़स बंधाने का प्रयास कर रहे हैं।  

चीज लेने गई थी बच्ची लाश बनकर लौटी

बताया गया है कि तेज बारिश और मोहल्ले में हुए जलभराव के दौरान स्थानीय निवासी सीता उर्फ गीता उर्फ जानकी की 4 साल की बच्ची सुरभि पास की परचून की दुकान पर चीज लेने गई थी। जहां वह दुकान के टीन शेड के पोल में आए करंट की चपेट में आ गई।

सुरभि की चीख सुनकर उसकी मां सीता दुकान पर दौड़ी और बच्ची को बचाने के प्रयास में वह भी करंट की चपेट में आकर मौत के आगोश में समा गई। वहीं, इसी प्रयास में सीता की भतीजी सिमरन (10) भी मौत का शिकार हो गई। सीता मूलरूप से रायबरेली की रहने वाली बताई गई है। यहां वह पति व परिवार के साथ किराए पर रह रही थी।

बच्चों के बचाने में चला गया दो बच्चों का पिता लक्ष्मी नारायण

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस वक्त हादसा हुआ उसवक्त दुकान के पास एक मकान में किराए पर रहने वाला 24 वर्षीय युवक लक्ष्मी नारायण घर के गेट पर खड़ा हुआ था। उसने जैसे ही चीख पुकार सुनी तो वह बच्चों को बचाने के लिए दुकान पर दौड़ पड़ा। लेकिन वह बच्चों को नहीं बचा सका और खुद भी करंट का शिकार हो गया। लोगों का कहना है कि लक्ष्मी नारायण मूलरूप से मधुबनी बिहार का रहने वाला था। उसकी 3 साल पहले ही शादी हुई थी। वह दो बच्चों का पिता था। अब लक्ष्मी नारायण की पत्नी अपने बच्चों की चिंता कर बेसुध हो रही है।

दुकान बंद कर भाग गया दुकानदार

मूलरूप से बिहार का रहने वाला रमेश यहां पंचवटी कॉलोनी में रहता है। मोहल्ले में उसने एक माह पूर्व ही परचून की दुकान खोली थी। दुकान के आगे टीनशेड लगाया गया था। इसी टीन शेड में रोशन के लिए रमेश ने बल्व का होल्डर लगा रखा है। कटी वायरिंग और होल्डर में उतरा करंट टीनशेड और उसके पोल में उतर गया। जो पांच लोगों की मौत का मुख्य कारण बना। बताया गया है कि हादसे के बाद दुकानदार रमेश अपनी परचून की दुकान बंद कर फरार हो गया। अब पुलिस उसकी भी तलाश में जुटी है।

जीटी रोड जाम कर मुआवजे की मांग पर अड़े स्थानीय लोग

हादसे के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। वह मृतकों के आश्रितों को मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। रोड जाम के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा भडक़ा। वह हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। रोड जाम की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे और उचित मुआवजा व आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और फिर जीटी रोड को जाममुक्त कराया गया।

चौतरफा हो रही हादसे की चर्चा

बुधवार को दिन निकलते ही करंट की चपेट में आने से तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत की खबर शहर भर में आग की तरह फैल गई। शहर के मुख्य बाजारों और खासतौर पर राकेश मार्ग की मार्केट में हर एक दुकान पर यह हादसा चर्चा का विषय बना रहा। जगह जगह झुंड बनाकर खड़ी महिलाएं हादसे की चर्चा कर पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती दिखाई दीं। इसके अलावा मार्केट में आने वाले ग्राहक भी दुकानदारों से हादसे के बारे में पूछते सुने गए।

वर्जन
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। फिलहाल मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। तहरीर मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

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