Monday, Jan 21, 2019

गुरुद्वारा कमेटी भ्रष्टाचार मामला: मंजीत सिंह जीके की बढ़ी मुश्किलें, होगी FIR

  • Updated on 1/9/2019

नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में 82 हजार धार्मिक पुस्तकों के हुए घोटाले में कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह पप्पू एवं निलंबित महाप्रबंधक हरजीत सिंह सुबेदार की मुश्किलें बढ़ गई है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में अदालत में डाली गई पुर्नविचार याचिका को आज पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया। लिहाजा, अब तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है, इसकी प्रबल आशंका बन गई है।  

बता दें कि पिछले दिनों भ्रष्टाचार के एक मामले को लेकर सीएमएम विजेता सिंह ने हरजीत सिंह सुबेदार, दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह पप्पू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद हरजीत सिंह  सुबेदार ने अपने बचाव में पटियाला हाउस कोर्ट के सेशन जज सतीश कुमार अरोड़ा की अदालत में पुर्नविचार याचिका दाखिल की गई थी। इसमें सुबेदार की तरफ से दलील दी गई थी कि निचली अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है। 

इसपर अदालत ने अग्रिम स्थगन आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को निर्धारित की थी। 7 जनवरी को सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज सुनाए गए फैसले में अदालत ने हरजीत सिंह सुबेदार की याचिका को खारिज कर दिया। साथ ही अपना विस्तृत आदेश संबंधित कोर्ट को भेजने की बात कही है। निचली अदालत ने इस मामले की सुनवाई वीरवार 10 जनवरी को करेगी। इसलिए यह आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली पुलिस अब इस मामले में मंजीत सिंह जीके सहित तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके अदालत के सामने पेश कर सकती है।

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बता दें कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा 82 हजार धार्मिक पुस्तकों की खरीद में फर्जी बिलों के आधार पर दिखाने का आरोप है। इस मामले को दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने उजागर किया था। शंटी ने ही पुलिसिया कार्रवाई न होने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शंटी की तरफ से अधिवक्ता राजिंदर छावड़ा ने घोटाले की सभी कड़ियों को जोड़ते हुए अदालत के समक्ष तथ्य पेश किए थे। 

भ्रष्ष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत : गुरमीत शंटी 
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य एवं पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि आज भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी बड़ी जीत हुई है। कमेटी के अध्यक्ष एवं उनके मातहतों ने धार्मिक स्थल पर गोलक की लूट की है। यही कारण है कि अदालत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ के सख्त कार्रवाई करते हुए 19 पेज का विस्तृत आर्डर लिखा है।

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इसमें सभी कारणों को बताया गया है कि एफआईआर करना क्यों जरूरी है, जिसमें प्रथम दृष्टया पाया गया है कि इस मामले में बड़े मामले में बड़ा करप्शन एवं फ्राड हुआ है। शंटी ने कहा कि अब किसी भी सूरत में दिल्ली कमेटी के भ्रष्टाचारी बच नहीं सकते हैं। इसके लिए वह हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। 

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सरना ने सुखबीर बादल से मांगा इस्तीफा 
शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि पटियाला हाउस कोर्ट के सत्र न्यायाधीश द्वारा मंजीत सिंह जी.के. के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश बरकरार रखने के बाद अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल को तुरंत पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सरना ने कहा कि गुरु की गोलक की लूट करने वालों को कमेटी में नियुक्ति करने का असल व्यक्ति वही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी के जनरल हाउस को भंग करके कमेटी के आम चुनाव होने चाहिए।

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