hearing in tada court after 30 years, order to appear in main accused yasin malik

टाडा कोर्ट ने यासीन मलिक को 1 अक्टूबर को पेश होने का दिया आदेश

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अलागाववादी (Non-separatist) नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) की बहुचर्चित भारतीय वायुसेना (Air force) के जवानों की हत्या (Soldiers Murder) के मामले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल श्रीनगर (Srinagar) में एयरफोर्स के चार अधिकारियों और एक नागरिक की आतंकियों (Terrorist) द्वारा हत्या के मामले में मलिक पर आरोप है। इस मामले में JKLF चीफ यासीन मलिक को जम्मू की टाडा कोर्ट (Jammu Tada Court) में कल पेश नहीं किया गया। तिहाड़ को नोटिस भेजते हुए न्यायाधीश ने 1 अक्टूबर को यासीन मलिक को अदालत में पेश करने के लिए कहा है।

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बता दें कि यासीन मलिक 30 साल से टाडा कोर्ट में पेश होने से बच रहे थे। इसके पहले मलिक को टाडा कोर्ट में दो बार पेश होने का आदेश दिया गया था पर वो पेश नहीं हुए थे। जम्मू की टाडा कोर्ट में कल पेशी के लिए मलिक पर गैर जमानती वारंट (Non Bailable Warrant) जारी किया गया था परन्तु वे मौजूद नहीं हुए। बता दें उनके खिलाफ ये वारंट 22 अगस्त को जारी किया गया था।

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परन्तु सुनवाई में सिर्फ एक आरोपी अली मोहम्मद मीर अदालत में ही मौजूद था। जबकी अन्य सभी आरोपी अनुपस्थित थे। जिसके बाद अदालत (Court) ने तिहाड़ को नोटिस (Notice) भेजा कि वे 1 अक्टूबर को यासीन मलिक को अदालत में पेश करें। साथ ही यासीन का प्रोडक्शन वारंट फिर जारी किया गया है।

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मलिक पर है एयरफोर्स अधिकारियों के हत्या में शामिल होने का आरोप 
CBI के मुताबिक 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर में रह रहे एयरफोर्स के कुछ अधिकारियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था। जिसमें एक महिला भी मौजूद थी। मौके पर करीब 40 एयरफोर्स के अधिकारी थे जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दो अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अधिकारियों और एक नागरिक की इलाज के दौरान जान चली गई। CBI ने इस मामले में यासीन मलिक के खिलाफ टाडा कोर्ट जम्मू में मामला दर्ज किया था।

CBI कर रही है जांच 
यासिन पर एक अन्य मामले के तहत मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रुबिया सईद के अपहरण का भी आरोप है। बता दें कि रुबिया बस से श्रीनगर के ललदेद अस्पताल से नौगाम अपने घर जा रही थी। इस दौरान कुछ बंदूकधारियों ने उनका अपहरण कर लिया था। CBI ने 18 सितंबर 1990 को जम्मू की टाडा कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था जिसमें मलिक भी शामिल थे।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मलिक पुर साधा निशाना
तो वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यासीन मलिक पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत (India) विरोधी लोगों को अब अंजाम भुगतना होगा। मोदी (PM Modi) सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया जाना सबसे बड़ी उपलब्धि है। जिन्होंने भारत के खिलाफ काम किया है, उन्हें अब कीमत चुकानी होगी।

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