Wednesday, Jul 06, 2022
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शाहीन बाग में मिला हेरोइन व संदिग्ध नशे का जखीरा

  • Updated on 4/28/2022

एनसीबी ने एक घर में छापेमारी कर जब्त किए 50 किलो हेरोइन व 47 किलो संदिग्ध नशा
- घर में मिला ड्रग्स से जुटाए हुए 30 लाख रुपये और नोट गिनने के मशीन
- फ्लिपकार्ट पैकिंग में बंद थे ड्रग्स

- बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 400 करोड़ रुपये आंकी गई है

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।

राजधानी के शाहीन बाग इलाके में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने देश में प्रतिबंधित नशे की तस्करी करने वाले एक बड़े इंडो-अफगान सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। टीम ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग और जामिया इलाके में छापेमारी कर घर से 50 किलो हाई क्वालिटी हेरोइन के साथ ही 47 किलो संदिग्ध नारकोटिक्स, जिसकी पहचान की जा रही है बरामद किया है। इसके साथ ही ड्रग्स से कमाए हुए 30 लाख रुपये कैश और नोट गिनने की मशीन भी बरामद की है। जब्त किए गए ड्रग्स की कीमत करीब 400 करोड़ रुपयों से अधिक आंकी गई है। इस सिंडिकेट से जुड़े एक भारतीय मूल के शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य शहरों में जांच अभी भी चल रही है। इस सिंडिकेट के तार अफगान और पाकिस्तान से जुड़े हैं।

एनसीबी डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि मिले गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम ने शाहीन बाग और जामिया इलाके में छापेमारी की थी। छापेमारी में एक घर के अंदर टीम को भारी मात्रा में फ्लिपकार्ट पैकिंग में बंद ड्रग्स मिले, जिसकी जांच करने पर उसमें से 50 किलो हाई क्वालिटी हेरोइन थे। वहीं 47 किलो संदिग्ध नारकोटिक्स है, जिसकी अभी जांच की जा रही है। संभवत: यह ड्रग्स फ्लिपकार्ट के माध्यम से ही दिल्ली लाई गई हो। इसके साथ ही कैश और नोट गिनने की मशीन भी मिले, जिसका उपयोग भारी मात्रा में जमा होने वाले ड्रग्स से कमाए हुए रुपयों को गिनने के लिए उपयोग किया जाता था।

अटारी बॉर्डर पर पकड़े गए ड्रग्स की खेप का ही है हिस्सा

अधिकारी के अनुसार यह ड्रग्स गत दिनों अटारी बॉर्डर पर जब्त किए गए ड्रग्स के समान ही है। यह ड्रग्स भी उसी खेप का हिस्सा है। इन ड्रग्स को भी आयात किये जाने वाले विदेशी लकडियों को खोखला कर उसमें ड्रग्स भर कर पाकिस्तान बॉर्डर के साथ ही समुंदर के रास्ते भारत में लाया गया था। वहीं बरामद कैश ड्रग मनी है जिसे हवाला के जरिये भारत लाया गया है। शाहीन बाग में जो ड्रग पकड़े गए हैं वह फ्लिपकार्ट पैकिंग में बंद थे। पता किया जा रहा है कि भारत के अंदर ड्रग की सप्लाई के लिए इन ऑनलाइन कंपनियों का किस स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। भारत में इस सिंडिकेट के तार राजधानी दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से जुड़े हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और अडल्टरिंग में माहिर हैं इस सिंडिकेट के सदस्य

गिरफ्तार आरोपी से पता चला है कि सिंडिकेट के सदस्य हेरोइन व कई अन्य प्रकार के नशा की मैन्युफैक्चरिंग और अडल्टरिंग में माहिर होते हैं। साथ ही इन्हें ये इसकी पैकेजिंग के तरीकों में भी महारत होती है, जो उनकी पैकेजिंग इस प्रकार से करते थे कि आसानी से सीमा पर जांच करने वाली एजेंसियों की नजरों में आए बिना निकल सके। इसमें वे कई बार सफल भी हो चुके हैं। टीम गिरफ्तार किए गए आरोपी की निशानदेही देश के अन्य शहरों में भी छापेमारी कर रही है।

भारत में ड्रग तस्करी के लिए क्या है सजा का प्रावधान

ड्रग्स के मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इस कानून में अलग-अलग सजा के प्रावधान हैं। इसमें धारा 15 के तहत एक साल, धारा 24 के तहत 10 की सजा व एक लाख से दो लाख रुपए तक का जुर्माना और धारा 31ए के तहत मृत्युदंड तक का भी प्रावधान है।
 

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