Sunday, Nov 28, 2021
-->
Caught cheating pharma companies in the name of supplying herbal oil

पकड़ा गया फर्मा कंपनियों को हर्बल ऑयल सप्लाई के नाम पर ठगी करने वाला

  • Updated on 10/27/2021

पकड़ा गया फर्मा कंपनियों को हर्बल ऑयल सप्लाई के नाम पर ठगी करने वाला (फोटो - फर्मा कंपनी ठगी
- कर चुका है विभिन्न कंपनियों से 1.34 करोड़ रुपये की ठगी
- पैन इंडिया चिटिंग रैकेट ने नाम से था काफी चर्चित
नई दिल्ली/टीम डिजिटल।

पश्चिम दिल्ली जिला की साइबर सेल ने ऐसे पैन इंडिया चिटिंग रैकेट के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपने रैकेट के माध्यम से फर्मा कंपनियों के प्रतिनिधि से अपनी फर्जी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के नाम पर मिलता था और उन्हें काफी सस्ते में हर्बल ऑयल की सप्लाई

करने का झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौतम बुधनगर निवासी सोनू नागर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन, फर्जी कंपनी दस्तावेज, कंपनी के नाम पर खोले गए बैंक खाते के पेपर और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी ने अब तक दर्जनों कंपनियों को अपने झांसे में लेकर सप्लाई के एडवांस के रूप में करीब 1.34 करोड रुपये की ठगी कर चुका है।
एडिश्नल डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि 16 सितंबर को तिलक नगर थाने में कई फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधि ने ठगी की शिकायत दी थी। इसमें कई शिकायतें ई मेल व व्हाट्सएप के माध्यम से मिली थी। सभी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनसे एक शख्स खुद को एक अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताते हुए उनसे ईमेल और व्हाट्सएप कॉल कर संपर्क किया था। ठह ने बताया था कि उनकी कंपनी दूसरे देशों में हर्बल ऑयल का कारोबार करती है और अब भारत में कंपनी का विस्तार करना चाहती है। उसने उपलब्ध हर्बल ऑयल से काफी अच्छे गुणवत्ता वाले के साथ ही काफी कम कीमत पर हर्बल ऑयल उपलब्ध कराने की पेशकश की थी। अपने झांसे में लेने के बाद आरोपी ने विभिन्न तरीके से ऑयल व अन्य हर्बव प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के नाम पर कंपनियों से करीब 45 लाख रुपये ले लिए। रुपये ट्रांसफर होते ही आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। साथ ही वह ई मेल भी ब्लॉक हो गया। इसके बाद लोग पुलिस के पास पहुंचे। साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच टीम ने शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखने के साथ ही उन बैंक खातों को ट्रैक करना शुरू किया, जिसमें रुपये मंगवाए गए थे। साथ ही उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की भी जांच शुरू की। इसके आधार पर मिले सुराग के आधार पर टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी को प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक इस गैंग में अन्य आरोपी शामिल हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश दी जा रही है।

comments

.
.
.
.
.