Tuesday, Dec 07, 2021
-->
hyderabad encounter inquiry commission failed report on time superme court chance again rkdsnt

हैदराबाद एनकाउंटर: जांच आयोग तय समय पर नहीं दे पाया रिपोर्ट, कोर्ट ने फिर दी मोहलत

  • Updated on 7/24/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ कांड की जांच के लिये गठित जस्टिस सिरपुरकर आयोग का कार्यकाल शुक्रवार को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया। पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार 4 आरोपियों की पुलिस मुठभेड़ में मौत की जांच के लिए न्यायालय ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश वी एस सिरपुरकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन पिछले साल दिसंबर में किया था। 

राजस्थान प्रकरण: कपिल सिब्बल ने कोर्ट और राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से जांच आयोग के आवेदन पर विचार के बाद उसका कार्यकाल 6 महीने बढ़ाने का आदेश पारित किया ताकि वह अपना काम पूरा करके अंतिम रिपोर्ट पेश कर सके। शीर्ष अदालत द्वारा पिछले साल 12 दिसंबर को गठित इस जांच आयोग के अन्य सदस्यों में बंबई उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रेखा सोन्दूर बाल्दोता और सीबीआई के पूर्व निदेशक डी के कार्तिकेयन शामिल हैं। 

राजस्थान : BSP विधायकों के कांग्रेस के साथ विलय को लेकर कोर्ट में BJP

इस आयोग को 6 महीने में अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपनी थी। न्यायालय को शुक्रवार को सूचित किया गया कि कोविड-19 महामारी के कारण पेश आयी अपरिहार्य परिस्थितियों की वजह से आयोग जांच का काम पूरा नहीं कर सका। पुलिस ने चारों आरोपियों-मोहम्मद आरिफ, ङ्क्षचताकुंता चेन्नाकेशवुलु, जोलू शिवा और जोलू नवीन- को पिछले साल नवंबर में पशु चिकित्सक महिला से सामूहक बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।       पिछले साल छह दिसंबर को हैदराबाद में तेलंगाना पुलिस ने एक मुठभेड़ में इन चारों आरोपियों को मार गिराया था। 

राम मंदिर भूमि पूजन : रंजन गोगोई को न्योता नहीं मिलने से यशवंत सिन्हा हैरान

पुलिस के अनुसार यह घटना सवेरे करीब साढ़े बजे उस समय हुयी जब वह पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की जांच के सिलसिले में इन आरोपियों को घटनास्थल पर ले गयी थी। ये आरोपी हैदराबाद के निकट उसी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पुलिस की गोलियों से मारे गये जहां 27 वर्षीय पशु चिकित्सक का जली हुयी अवस्था में शव मिला था। आयोग के सचिव के माध्यम से न्यायालय में दायर आवेदन में कहा गया था कि अपरिहार्य कारणों से जांच आयोग शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित कार्य शर्तो के अनुरूप काम पूरा नहीं कर सका है। इसलिए जांच आयोग का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने का अनुरोध किया जा रहा है। 

RSS मुख्यालय से मिट्टी को राम मंदिर भूमि पूजन के लिए भेजा गया अयोध्या

आयोग ने कहा कि उसकी पहली बैठक हैदराबाद में इस साल तीन फरवरी को हुयी थी। आयोग को अभी तक इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और तीन मृतकों के परिजनों सहित विभिन्न व्यक्तियों से 1,365 हलफनामे मिले हैं। आवेदन में कहा गया है कि इस घटना में शामिल पुलिसर्किमयों के हलफनामे 15 जून को ही मिले हैं। आवेदन में कहा गया है कि उसे मिले 1365 हलफनामों में से लगभग सारे ही तेलुगू भाषा में है और सारे रिकार्ड का अंग्रेजी में अनुवाद कराने के बाद उसका सत्यापन कराया गया है। आयोग के अनुसार उसकी अगली बैठक 23 और 24 मार्च को हैदराबाद में होनी थी लेकिन कोविड-19 की वजह से इन्हें स्थगित कर दिया गया था। 

राजस्थान सियासी घमासान : SC की हरी झंडी के बाद अब हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी सबकी नजर

 

 

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.