Sunday, Dec 04, 2022
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Illegal factory opened in the house became a flaming ball of fire

आग का दहकता गोला बन गई मकान में खुली अवैध फैक्ट्री, डर कर चीखने-चिल्लाने लगे नागरिक

  • Updated on 8/17/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। आवासीय भवन में अवैध तरीके से संचालित फैक्ट्री में बुधवार को भीषण आग लग गई। रसायन के संपर्क में आने पर आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पहली और दूसरी मंजिल पर धुआं एवं आग की लपटें उठने पर आस-पास के नागरिकों में हड़कंप मच गया। 

आग तेजी से फैलने के कारण कुछ मकानों में परिवार फंस गए। घटना की सूचना पाकर दमकल विभाग की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू शुरू कर फैक्ट्री के अगल-बगल के मकानों में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। तदुपरांत 4 गाड़ियों की मदद से डेढ़ घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। 

इस बीच किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। गाजियाबाद में लालकुआं की मानसरोवर पार्क कॉलोनी में सुबह करीब साढ़े 6 बजे यह घटनाक्रम सामने आया। मानसरोवर पार्क की गली नंबर-2 में राजेश सचान का मकान है। वह खोड़ा कॉलोनी में रहते हैं। सचान ने इस मकान में टेली बैग बनाने का कारखाना शुरू कर रखा था। 

इसके मद्देनजर वहां मशीनी उपकरण व रसायन रखा गया था। कारखाने का काम राजेश के अलावा उनके 2 बेटे देखते हैं। अवैध तरीके से संचालित कारखाने में भूतल एवं प्रथम तल पर भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखकर 4 गाड़ियां बुलवा ली गईं। 

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अवैध फैक्ट्री के आस-पास कुछ मकान हैं। फैक्ट्री से धुआं एवं आग की लपटें उठने पर इन मकानों से परिवार बाहर नहीं आ पाए थे। यह देखकर दमकल कर्मियों ने सबसे पहले मकानों में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। 

तदुपरांत फैक्ट्री का मुख्य द्वार तोड़कर आग बुझाने का काम आरंभ किया गया। डेढ़ घंटे की मशक्कत के उपरांत आग पर काबू पाया गया। सीएफओ का कहना है कि टेली बैग बनाने में रसायन का भी प्रयोग होता है। रसायन की चपेट में आकर आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। 

संभवत: शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। वहां आग से बचाव का कोई साधन उपलब्ध नहीं था। दमकल विभाग द्वारा जिला प्रशासन को पत्र भेजकर शिकायत की जाएगी।
 

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