Monday, Mar 25, 2019

डिजिटल रेप में 2013 के मामले में कोर्ट ने पाया दोषी, क्या है डिजिटल रेप?

  • Updated on 2/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश की राजधानी दिल्ली में पति संग सो रही अमेरिका महिला के साथ कथित तौर पर मकान मालिक ने डिजिटल रेप किया। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया। 

दरअसल में ये घटना वर्ष 2013 की है जहां अमेरिका और रुस के रहने वाले दो विदेशी नागरिकों के साथ मकान मालिकों के बेट ने 24 जून 2013 की सुबह कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। इस समय दोनों सो रहे थे। इसके बाद महिला के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

वहीं आरोपी ने कहा कि महिला के पति और उसके बीच विवाद था इस वजह से प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। पीड़ित महिला की गवाही के आधार पर साबित होता कि 24 जून 2013 की सुबह 4 से 4:30 के बीच उस कमरे में गया था और आरोपी ने अपनी उंगली महिला के गुप्तांग में डाल दी थी। आईपीसी की धारा 375 में रेप को संशोधित परिभाषा के तहत ये बलात्कार के तौर पर देखा जाएगा। ये आईपीसी की धारा 376 के तहत डिजिटल रेप का दोषी पाया जाता है। 

क्या है डिजिटल रेप?

डिजिटल रेप का मतलब डिजिटली के साथ छेड़छाड़ करना नही है। ये किसी भी तरह से किसी लड़की या लड़के का शोषण इंटरनेट के माध्यम से किए जाने से संबंध नहीं रखता है। डिजिटल रेप में डिजिटल के डिजिट का मतलब जहां अंक होता है वहीं अंग्रेजी शब्दकोश के मुताबिक उंगली, अंगूठा, पैर की अंगुली इन शरीर के अंगों को भी डिजिट से संबोधित किया जाता हैं। यानि वह यौन उत्पीड़न जो डिजिट से किया गया हो तब 'डिजिटल रेप' कहा जाता है।


 

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