Sunday, Oct 02, 2022
-->
in-an-emergency-firefighters-will-be-able-to-save-their-breath-from-breaking

आपात स्थिति में सांसों की डोर टूटने से बचा सकेंगे अग्निशमन कर्मचारी, सीपीआर की ली जानकारी

  • Updated on 7/27/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। आपातकालीन स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो, इसके लिए अग्निशमन विभाग की टीम को अक्सर अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। घटनास्थल पर फंसे व्यक्तियों को कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक का खतरा भी रहता है। 

इन हालात में बेहतर काम कर दूसरों की जिंदगी को बचाने के मकसद से अग्निशमन कर्मियों को महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं। उन्हें कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन (सीपीआर) की महत्ता से अवगत कराया गया है। सीपीआर के जरिए भविष्य में वह आपातकालीन हालात में पीड़ित व्यक्ति की जान बचाने में कामयाब हो सकेंगे। 

राष्ट्रीय सीपीआर दिवस के मौके पर फायर स्टेशन वैशाली के सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अग्निशमन विभाग के प्रशिक्षु रिक्रूट फायरमैन व अन्य कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर के विषय में विस्तार से अवगत कराया गया। 

मुख्य वक्ता एनआईएसी प्रा.लि. के डायरेक्टर डॉ. नीरज मिश्रा ने बताया कि सीपीआर प्रक्रिया का प्रयोग आपातकालीन स्थिति में होता है। सीपीआर में बेहोश व्यक्ति को सांसें देनी पड़ती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। इस बीच सांस वापस आने तक अथवा दिल की धड़कन सामान्य होने तक सीने को निरंतर दबाया जाता है। 

उन्होंने बताया कि जीवनशैली में बदलाव के कारण हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। यह समस्या किसी भी समय पैदा हो सकती है। ऐसे में सीपीआर का महत्व बढ़ा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिह ने बताया कि दुर्घटना में घायल व अचेत नागरिकों को तत्काल प्राथमिक उपचार के साथ सीपीआर देने की जरूरत होती है। 

इस लिहाज से विभागीय कर्मियों को इसकी जानकारी होना जरूरी है। इस प्रक्रिया के जरिए संकट में फंसे व्यक्ति की जान बचाना आसान हो जाता है। इस अवसर पर डॉ. वरूण, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्रा, डॉ. नमित वाष्र्णेय, सुमेश खन्ना, ज्योतिश सैनी व अंकुश शर्मा आदि मौजूद रहे। 


 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.