Friday, Jan 28, 2022
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वर्ष 1969 में मिले 15 किलोमीटर अधिकार क्षेत्र 2021 में बदला 50 किलोमीटर में

  • Updated on 11/18/2021

अधिसूचना के तहत बीएसएफ को कुछ अधिनियमों और कानूनों के तहत गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की शक्तियां 

 

- बीएसएफ के जिम्मे है बांग्लादेश से लगे 4142.27 किलोमीटर व पाकिस्तान से लगे 2300 किलोमीटर सीमा की सुरक्षा

 

- वर्ष 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संघर्ष के दौरान मुक्ति सेना को किया था प्रशिक्षित

 

नई दिल्ली/मुकेश ठाकुर।

 

भारत की फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जिसे पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी 6386 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा जिम्मेदारी मिली हुई  है। इसमें बांग्लादेश से लगे 4142.27 किलोमीटर व पाकिस्तान से लगे 2300 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा को यह बल सुरक्षा देती है। इसमें 770 किलोमीटर के एलओसी में से 450 किलोमीटर एलओसी पर बीएसएफ के जवान तैनात हैं। 

 

वर्ष 1969 से ही बल बांग्लादेश की सीमा से लगी पश्चिम बंगाल व असम व पाकिस्तान की सीमा से लगी कश्मीर, पंजाब और गुजरात स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारतीय क्षेत्र में 15 किलोमीटर तक गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की शक्तियां दी गई है। यह शक्तियां बल भारत सरकार की अधिसूचना के तहत कुछ अधिनियमों और कानूनों के तहत प्राप्त है।

 

इस अधिनियमों में विदेशी अधिनियम 1967, विदेशी अधिनियम (भारत में प्रवेश) 1920, सीमा शुल्क अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम शामिल थे। अब केंद्र सरकार ने सीआरपीसी 1973, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 और पासपोर्ट अधिनियम 1967 के प्रावधानों के तहत क्रमशः SO 4196 (E), SO 4197 (E), SO 4198 (E) दिनांक 11 अक्टूबर, 2021 को तीन अधिसूचनाएं जारी की हैं, जो समान रूप से अधिकार क्षेत्र का विस्तार करती हैं। इस अधिसूचना के बाद बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे राज्य में 50 किलोमीटर के एक बेल्ट के भीतर  तक हो गया है, जो पहले 15 किलोमीटर तक था।

 

 

बीएसएफ बांग्लादेश के साथ 4142.27 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेवार है। बीएसएफ अवैध घुसपैठ, सीमा पार अपराधों को रोकने और सीमावर्ती आबादी के बीच सुरक्षा की भावना विकसित करने के लिए राज्य पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में काम कर रहा है। कर्तव्यों का सुचारू रूप से पालन करने के लिए सीमा सुरक्षा बल अधिनियम, 1968 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए अन्य संबंधित कानूनों और नियमों के तहत बीएसएफ को सशक्त बनाया गया है।

 

सीमा सुरक्षा बल का उत्तर बंगाल फ्रंटियर पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर, उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार जिलों की बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात है । उत्तर बंगाल फ्रंटियर के जिम्मेवारी का इलाका  936.415 किलोमीटर है। 

 

 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति के साथ, सीमाओं की सुरक्षा के लिए बीएसएफ के सामने नई चुनौतियां सामने आई हैं। अब सीमा पार के अपराधी और देश विरोधी तत्व, साथ ही साथ सीमाओं पर, हाई-टेक हो गए हैं। वे अपने अन्य सहयोगियों को जानकारी देने के लिए आधुनिक गैजेट्स का उपयोग कर रहे हैं। सीमा पार अपराधियों के बुरे इरादों का मुकाबला करने के लिए बीएसएफ प्रभावी सीमा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों और गैजेट्स का भी उपयोग कर रहा है। वर्ष 2021 के दौरान, उत्तर बंगाल फ्रंटियर के तहत भारत-बांग्लादेश सीमा पर विभिन्न सीमा चौकियों पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के सतर्क जवानों ने मवेशी-5,224 नग, फेंसडिल-62,207 बोतलें, गांजा-371 किलोग्राम, याबा टैबलेट-5,101 नग, चांदी-36 किलोग्राम, सांप का जहर-19 पॉन्ड्स, बीडी टका-3,37,593, भारतीय मुद्रा- 9,34,259/- रुपये, नकली भारतीय मुद्रा-44,500 और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं जिनकी कीमत 1,91,42,849 रुपये है जब्त की । इसके अलावा कुल 133 तस्करों और 125 अवैध प्रवेशकों को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उत्तर बंगाल फ्रंटियर के सीमावर्ती इलाकों से पकड़ा।

 

उत्तर बंगाल फ्रंटियर में 757 से अधिक महिला प्रहरी चौबीसों घंटे ड्यूटी करती हैं और महिलाओं की तलाशी केवल महिला प्रहरी द्वारा ही की जाती है। वर्तमान में 934 महिला प्रहरी एस.टी.सी बैकुंठपुर में प्रशिक्षण ले रही हैं। सीमा सुरक्षा बल किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न के लिए जीरो टॉलरेंस रखती है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता की शिकायत मिलने पर बी.एस.एफ अधिनियम और नियम के तहत कारवाई की जाती है।

 

इस Ftr के AOR में सीमावर्ती आबादी के साथ प्रतिदिन 15-20 बैठकें आयोजित की जाती हैं। इससे सीमा प्रबंधन में सुधार के साथ-साथ बी.एस.एफ के क्षेत्राधिकार को 15 से 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के बारे में सकारात्मक जानकारी देने में मदद भी मदद मिली है। Civic Action कार्यक्रमों के आयोजन, चिकित्सा शिविर, कौशल विकास कार्यक्रम, सीमावर्ती आबादी को सहायता और विभिन्न सीमा चौकियों पर सीमावर्ती आबादी के लिए एम्बुलेंस रखने से सीमावर्ती आबादी के साथ बी.स.एफ के संबंधों में और सुधार हुआ है।

 

इस साल बांग्लादेश अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर रहा है। 26 मार्च 1971 को, शेख मुजीबुर रहमान द्वारा बांग्लादेश को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में घोषित किया गया था और जिसके फलस्वरूप बांग्लादेश मुक्ति युद्ध हुआ जब पाकिस्तान सेना और बांग्लादेश मुक्ति बलों के बीच युद्ध हुआ। सीमा सुरक्षा बल ने बांग्लादेश की "मुक्ति वाहिनी" के प्रशिक्षण और दुश्मन ताकतों से लड़ने में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रहा है।

 

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