Friday, Sep 30, 2022
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international immigration racket busted

अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन रैकेट का हुआ भंडाफोड़

  • Updated on 8/5/2022

पकड़े गए 2 एजेंट और 4 भारतीय पासपोर्ट धारक बांग्लादेशी नागरिक
- चारो बांग्लादशी को 27 जुलाई को पकड़े गए थे दिल्ली एयरपोर्ट पर
नई दिल्ली/टीम डिजिटल।


दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 2 एजेंट और 4 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। चारों बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट से तब गिरफ्तार किया था, जब वे भारतीय पासपोर्ट लेकर विदेशी की यात्रा के लिए पहुंचे थे। पर संदेह होने पर उन्हें पकड़ा गया था। उनकी जांच करने पर उनके पासपोर्ट फर्जी मिले थे और सभी मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक थे। इनके खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस टीम ने जांच करते हुए अपोन और अंकित झा नामक दो एजेंट, उन्होंने सभी को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे को वलसाड, गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी आईजीआई एयरपोर्ट तनु शर्मा ने बताया कि 27 जुलाई को एयरपोर्ट इमिग्रेशन की शिकायत पर चार बांग्लादेशी नागरिक राणा, दीदार हुसैन, मोहम्मद हिरदॉय हुसैन और परवेज हुसैन को फर्जी भारतीय पासपोर्ट और दस्तावेज के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि इन सभी बांग्लादेशी नागरिकों ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। गुजरात के सूरत के कुछ एजेंटों के माध्यम से फर्जीवाड़ा के माध्यम से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किया था। पता चला कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे विदेशों में भेजने के बहाने लोगों को ठगने के लिए दुनिया भर में ठगी का धंधा चला रहा एक बड़ा सिंडिकेट है। इससे जुड़े ठगों की गिरफ्तारी के लिए एसीपी विजेंद्र सिंह के निरीक्षण व आईजीआई एसएचओ यशपाल सिंह के नेतृत्व में एसआई योगेंद्र सिंह, एएसआई ओमप्रकाश की एक टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया और गुप्त मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर टीम गुजरात के वलसाड पहुंच गई। वहां छापेमारी कर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पिछले 6 वर्षों से कोलकाता निवासी तोहिन और सुजोन के संपर्क में हैं। वे तोही और सुजोन के साथ एक सिंडिकेट में काम कर रहे थे, ये लोग बांग्लादेशी लोगों को विदेश भेजने के लिए भारतीय आईडी प्रदान करता है। इसके बाद वे भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए और भारतीय दस्तावेजों की व्यवस्था करते हैं।

अरोपी अपोन भी खुद है बांग्लादेशी
जांच में पता चला कि आरोपी अपोन ने 5 साल पहले उसने खुद सीमा पार कर सिलीगुड़ी सीमा से पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया था। इसके बाद थाणे में वह दर्जी का काम करता रहा, फिर वहां से गुजरात चला गया, जहां इस सिंडीकेट के साथ जुड़ गया। वहीं आरोपी अंकित वलसाड में एसबीआई के सीआईसी में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे, जहां वह आधार कार्ड बनाने के लिए बायोमेट्रिक किया करता था। उसके पास से 13 मोबाइल फोन, 5 भारतीय पासपोर्ट, बांग्लादेशी नागरिकों के 5 भारतीय पैन कार्ड, बांग्लादेशी नागरिकों के 7 भारतीय आधार कार्ड, 1 पासबुक, मोबाइल के 8 सिम और 2 जन्म प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं।

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