Monday, Mar 01, 2021
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जामिया हिंसा: शरजील इमाम को झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

  • Updated on 5/5/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) के विरोध प्रदर्शन के दौरान देश के टुकड़े-टुकड़े करने वाले बयान पर गिरफ्तार शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को दिल्ली की एक अदालत से झटका मिला है। कोर्ट ने शरजील इमाम की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने 90 दिनों की निर्धारित वैधानिक अवधि के दौरान जांच पूरी नहीं होने का हवाला दिया है। बता दें कि इमाम पर गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज है।

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इमाम को जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia University) के समीप पिछले साल दिसंबर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में 28 जनवरी को बिहार (Bihar) के जहानाबाद से किया गया था। 90 दिन की वैधानिक अवधि 27 अप्रैल को पूरी हो गई। अपने आवेदन में उसने दलील दी है कि निचली अदालत द्वारा 25 अप्रैल को इस मामले की जांच की अवधि और 90 दिनों के लिए बढ़ाया जाना कानून सम्मत नहीं है।

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कोर्ट ने खारिज की वैधानिक जमानत की अर्जी
इस दलील को खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धमेंद्र राणा ने कहा कि जांच की अवधि बढ़ाने का आदेश 90 दिनों के वैधानिक समय के समापन से पहले ही दिया गया। अदालत ने कहा, 'चूंकि जांच को पूरा करने की समय-सीमा पहले ही यूएपीए की धारा 43 डी (2) के तहत बढ़ा दी गई है, इसलिए मेरा सुविचारित मत है कि वैधानिक जमानत पर आरोपी को रिहा करने के आवेदन में दम नहीं है, इसलिए उसे खारिज किया जाता है।'

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90 दिनों के लिए और बढ़ी जांच की अवधि
इस धारा के तहत यदि जांच 90 दिनों में पूरा करना संभव नहीं होता है तो लोक अभियोजक की रिपोर्ट से पूरी तरह संतुष्ट होकर अदालत जांच की अवधि 180 दिनों तक के लिए बढ़ा सकती है। रिपोर्ट में जांच में प्रगति का संकेत और आरोपी को 90 दिनों के बाद भी हिरासत में रखने के खास कारण अवश्य बताए जाने चाहिए।

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कोरोना महामारी व लॉकडाउन से बाधित हुई जांच
इमाम असम पुलिस द्वारा दर्ज किए गए यूएपीए से जुड़े मामले में गुवाहाटी जेल में है। निचली अदालत ने 25 अप्रैल को जांच एजेंसी को इस मामले की जांच पूरी करने के लिए और 90 दिनों का वक्त दिया था क्योंकि पुलिस ने कहा था कि कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) से जांच की गति गंभीर रूप से बाधित हुई है।

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विवादित टिप्पणी के बाद राजद्रोह का मामला दर्ज
इमाम को 28 जनवरी को बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था। वह शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में प्रदर्शन के आयोजन में शामिल था। लेकिन वह तब सुर्खियों में आया था जब एक वीडियो में वह अलीगढ़ यूनिवर्सिटी (Aligarh University) में एक सभा में विवादास्पद टिप्पणी करते हुए देखा गया। उसके बाद उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया।

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