Wednesday, May 12, 2021
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jdu leader brutally murdered criminals run on road and crushed by car prshnt

JDU नेता की हुई निर्मम हत्या, अपराधियों ने सड़क पर दौड़ा कर गाड़ी से कुचला

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बिहार में जेडीयू (JDU) नेता बैजनाथ चंद्रवंशी की निर्मम हत्या कर दी गई। औरंगाबाद में गुरुवार को अपराधियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले जेडीयू नेता की हत्या कर दी।  बैजनाथ चंद्रवंशी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुंशी बिगहा निवासी जनता दल यूनाइटेड के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पंचायत सदस्य है। घटना को मुफस्सिल थाना क्षेत्र से महज 500 गज की दूरी पर अंजाम दिया गया, लेकिनपुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

जानकारी को मुताबिक  बैजनाथ चंद्रवंशी हर दिन की तरह सुबह एनएच दो पर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। तभी पहले से ही घात लगाए अपराधियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, अपराधियों ने जेडीयू नेता को तबतक पीटा जबतक उनकी मौत नहीं हुई। मौत के बाद अपराधी उन्हें अपनी गाड़ी से कुचलकर फरार हो गए।

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अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान हमलावरों के गुस्से को देखकर किसी में जेडीयू नेता को बचाने की हिम्मत नहीं हुई और अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना के बाद आक्रोशित हुए लोगों ने मुंशी बिगहा के समीप एनएच-2 को जाम कर दिया। और सड़क जाम की सूचना पाकर जब मुफस्सिल थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें भगा दिया।

इसके बाद मामला बिगड़ा देख एएसपी अभियान दुर्गेश कुमार, एसडीपीओ अनूप कुमार सहित और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और अपराधियों की गिरफ्तारी सहित मृतक के आश्रित को तमाम सुविधाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।

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अपराध का बढ़ा ग्राफ
बता दें कि बिहार के भोजपुर जिले में साल 2020 में घटित हत्या की घटनाओं ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। तमाम सुरक्षा के दावे के बावजूद करीब एक साल के दौरान जिले में हत्या की घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है। पुलिस विभाग के आंकड़े बयां कर रहे हैं एक साल के अंदर जिले में करीब 97 से अधिक हत्या की घटनाएं घटित हुई हैं। ऐसे में आने वाले नए वर्ष की चुनौतियों से लोग सशंकित हैं।

हालांकि, ज्यादातर हत्याएं आपसी अदावत और भूमि विवाद में घटित हुई हैं।। जिले में दो अधिवक्ता, व्यवसायी और राजद नेता की हत्या सर्वाधिक चर्चा में रही। गौरतलब हो कि पिछले साल 2019 में जिले में हत्या की करीब 91 घटनाएं घटित हुई थी।

जून में सर्वाधिक हुई हत्याएं चालू वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि जिले में फरवरी और जून महीने में सर्वाधिक हत्याएं हुई हैं। इसके अलावा जनवरी व जुलाई महीने में भी ग्राफ अधिक रहा है। जबकि, लॉकडाउन के दौरान मार्च व अप्रैल में सबसे कम हत्याएं हुई हैं। कोरोना और लॉकडाउन के चलते मार्च व अप्रैल महीने में हत्या की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई थी। 

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