Monday, Oct 22, 2018

किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है इंजीनियर से संत रामपाल बनने की कहानी, पढ़ें

  • Updated on 10/16/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  खुद को संत कबीर का अवतार और हिसार के सतलोक आश्रम वाले संत रामपाल के आश्रम में छह लोगों की मौत होने के बाद से उनपर केस चल रहा है। आज कोर्ट ने उन्हें हत्‍या के दो मामलों में दोषी करार दिया है।  लेकिन क्या आप जानते हैं खुद को संत कबीर का अवतार और भगवान घोषित करने वाले रामपाल की कहानी बेहद ही फिल्मी है। रामपाल की कहानी जानने से पहले उनपर लगे आरोपों के बारे में जान लेते हैं। 

रामपाल पर हत्या का मामला क्यों?

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आज रामपाल पर हो रही सुनवाई का मामला 2014 का है। 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम में हुए हंगामे की वजह से 1 बच्चे और 5 महिलाओं की मौत हुई थी। इस केस में रामपाल के साथ-साथ उनके 14 साथियों को भी आरोपी बनाया गया था। इसी मामले से जुड़े मुकदमा नंबर 429 और 430 में आज सजा सुनाई गई है।

कैसे इंजीनियर से बने संत 
रामपाल का जन्म सोनीपत में हुआ था और हरियाणा सरकार के सिचाई विभाग में वो जूनियर इंजीनियर था। नौकरी के साथ ही रामपाल दास ने सत्संग करने शुरु कर दिया और संत रामपाल बन गए। साल 2000 में हरियाणा सरकार ने रामपाल को इस्तीफा देने के लिए कहा।

इस्तीफा देने के बाद उसने करोंथा गांव में सतलोक आश्रम बनाया। फिलहाल ये आश्रम सरकार के कब्जें में है। हरियाणा में हिसार के पास बरवाला में स्थित इस आश्रम की ज़मीन को लेकर रामपाल पर कई आरोप लगे है। 

समर्थकों के लिए बाबा चमत्कारी है

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उनके समर्थकों का कहना है कि बाबा एक चमत्कारी आत्मा है जो धरती पर भगवान का स्वरुप है। उनका कहना तो ये है कि बाबा को फंसाया जा रहा है लेकिन वो लोग उनका साथ देंगे। 

अन्य धर्गुरुओं पर टिप्पणी करने को लेकर चर्चाओं में रहे 

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रामपाल इस्लामी विद्वान डॉ जाकिर नाइक और कई अन्य धर्म गुरुओं पर टिप्पणियों को लेकर चर्चाओं में रहे है। 2006 में स्वामी दयानंद पर संत रामपाल ने बयान दिया था जिसके बाद उनके समर्थकों और आय्र समाज के समर्थकों के बीच सतलोक आश्रम के बाहर झड़प हुई। इस झड़प में एक महिला की मौत हो गई थी। 

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