Thursday, Jan 20, 2022
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जेल में सीखा हुनर : 75 बंदियों ने संवारा भविष्य, पूरा किया प्रशिक्षण

  • Updated on 11/11/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। जिला कारागार में निरूद्ध बंदियों को तकनीकी रूप से हुनरमंद बनाया जा रहा है। इसी क्रम में 35 बंदियों को कंप्यूटर में दक्ष किया गया है। इनमें 9 महिला बंदी भी हैं। इसके अलावा 40 बंदियों को सिलाई-कढ़ाई में निपुण बनाया गया है। जेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त इन 75 बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कंप्यूटर और सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण पाकर वह काफी प्रसन्न हैं। यह हुनर भविष्य में उनके काफी काम आएगा। डासना जेल (गाजियाबाद) में विचाराधीन बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हैं।

इनमें कंप्यूटर और सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रत्येक बंदी को इच्छा अनुसार प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। सामाजिक संस्था इंडिया विजन फाउंडेशन नई दिल्ली एवं एचसीएल फाउंडेशन की मदद से जेल परिसर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा है। इस केंद्र पर 9 महिला और 26 पुरूष बंदियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अतिरिक्त इंडिया विजन फाउंडेशन एवं सिंगर इंडिया के सहयोग से 15 पुरूष एवं 25 महिला बंदियों ने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण पाया है। जेल परिसर में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में जेल अधीक्षक आलोक सिंह द्वारा सभी प्रशिक्षण प्राप्त बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

जेल अधीक्षक सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण भविष्य में बंदियों के काम आएगा। इसके जरिए वह अपनी आजीविका चला सकेंगे। उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोगी संस्थाओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जेल में बंदी सुधार एवं कल्याण के कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर जेलर ब्रजेंद्र सिंह, डिप्टी जेलर अजय कुमार झा, शैलेश कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, विजय कुमार गौतम, शिवानी यादव के अलावा प्रीतेश सिंह, शंभूनाथ पासवान और रेखा पांडेय आदि मौजूद रहे। बता दें कि डासना जेल में महिला एवं पुरूष बंदियों को तरह-तरह के प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।  

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