Monday, Dec 16, 2019
man was allegedly beaten by group for not depositing monthly installment of 150 rupee

डेढ़ सौ रुपए की किश्त किस्त नहीं दे पाया तो जमकर पीटा, पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप

  • Updated on 8/13/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मां के अस्पताल (Hospital) में भर्ती होने के कारण किस्त फाइनेंसर को नहीं देने पर फाइनेंसर (Financer) ने युवक को कार में अगवा (Kidnap) कर उसको अपने ठिकाने पर लाकर लाठी डंडों और पाइपों से तब तक पिटाई की जब तक वह थक नहीं गए और युवक अधमरा नहीं हो गया। उसके बाद अपनी ही कार से एक सुनसान जगह पर फेंक दिया। मामले में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटकर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। उनको शक है कि अगर पुलिस (Police) ने आरोपियों के खिलाफ कुछ नहीं किया तो आरोपी उनके जान माल पर हमला कर सकते हैं। 

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जानकारी के मुताबिक, पीड़ित विशाल परिवार के साथ अमन विहार इलाके (Aman Vihar) में रहता है। विशाल ने  रोहिणी (Rohini) के कुछ फाइनेंसरों से उसने 10 हजार रुपए तीन महीने के लिए ब्याज पर लिए थे, जिसके बदले में वह हर रोज डेढ़ सौ रुपए की किश्त दे रहा था। विशाल अभी तक करीब 9 हजार रुपए वापिस कर भी चुका था। बीते शुक्रवार को विशाल की मां की तबीयत अचानक खराब हो गई। 

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अमन विहार इलाके का मामला
उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया। विशाल के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह अपनी मां का अच्छे अस्पताल में उपचार करा सके। परिवारवालों ने बताया कि विशाल तीन-चार किश्त फाइनेंसर को नहीं दे पाया। बीते शुक्रवार को रोहिणी सेक्टर-20 में फाइनेंस का ऑफिस चलाने वाले आशू यादव नाम के फाइनेंसर ने तरुण नाम के लड़के को विशाल के घर भेजा। 

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फाइनेंसर और उसके साथी कार में बैठाकर प्लॉट पर ले गए थे 
उसको कार में बैठा मुंह पर कपड़ा डालकर साथ ले गया। एक प्लॉट पर 4 से 5 लोगों ने मिलकर विशाल के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी। विशाल के पिता ने बताया कि आरोपी फाइनेंसर आशु यादव, तरुण और उसके साथियों का जब पीट-पीट कर मन भर गया तो विशाल को गाड़ी में डालकर रोहिणी सेक्टर 20 के पेट्रोल पंप के पास छोड़ गए। विशाल को पिस्टल दिखाकर धमकाया, अगर पुलिस के पास गया तो तुझे गोली मार देंगे। वहां से विशाल जैसे-तैसे अपने घर पहुंचा। 

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पुलिस पर लगा मामले में लापरवाही बरतने का आरोप
पीसीआर को मामले की सूचना दी फिर बाद में अमन विहार थाने में पुलिसकर्मियों को आपबीती बताई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विशाल के शरीर पर चोट के इतने गहरे निशान होने और हर आरोपी का नाम पुलिस को बताने के बावजूद भी अमन विहार थाना पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने पहले तो बयान में फेरबदल कराया और अभी तक उन्हें न तो एफआईआर की कॉपी दी है और न ही कार्रवाई की।

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