Tuesday, Sep 25, 2018

नवजोत सिंह सिद्धू की रोडरेज मामले में बढ़ सकती हैं मुश्किलें, SC में खुला केस

  • Updated on 9/12/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब में कांग्रेस सरकार के मंत्री व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्घू की मुश्किलें 1988 के पटियाला रोड रेज मामले में खत्म नहीं हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की फिर से सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इस तरह नवजोत सिद्घू को करारा झटका लगा है। 

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित पक्ष की याचिका पर फिर से मामले को सुनने का फैसला किया है। अब शीर्ष अदालत तय करेगी कि सिद्धू को जेल की सजा दी जाए या नहीं। शिकायककर्ता की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सिद्घू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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खास बात यह है कि सिद्धू के खिलाफ पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट खुली अदालत में करेगा। सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 323 के अंतर्गत साधारण मारपीट की सजा सुनाई थी। इसमें ज्यादा से ज्यादा एक साल की सजा या एक हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों है। सुप्रीम कोर्ट अब सिर्फ सजा पर ही विचार करेगा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने इस मामले में निर्देश जारी किया है।

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बता दें कि इसी साल 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे चेलामेश्वर की खंडपीठ ने सिद्धू को एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि गुरनाम सिंह की मौत के लिए सिद्धू को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। मामला 30 वर्ष पुराना है। सिद्धू की गुरनाम से कोई दुश्मनी नहीं थी। घटना में कोई हथियार भी इस्तेमाल नहीं हुआ था। इस आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट ने एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। 

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सुनवाई के दौरान सिद्धू के वकील आरएस चीमा ने दलील दी थी कि उनके क्लाइंट निर्दोष हैं और पुलिस ने उन्हें फंसा रही है। इस मामले में कोई भी गवाह खुद सामने नहीं आया है। इस घटना के पीछे उनका कोई मकसद नहीं था। वे यह नहीं जानते थे कि गुरनाम सिंह को दिल की बीमारी है। यह मामला किसी को बेरहमी से पीटकर मारने का नही है। 

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