Friday, Dec 09, 2022
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एनसीपीसीआर के चेयरमैन ने मौके पर पहुंचकर झारखंड से लाईं गईं बच्चियों को रेस्क्यू करवाया

  • Updated on 7/19/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। राजधानी में मानव तस्करी का गंदा धंधा लगातार तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसा ही मामला रोहिणी में भी सामने आया जहां राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के चेयरमैन प्रियंक कानूनगो मौके पर पहुंचे और लड़कियों को रेस्क्यू करवाया। दरअसल इन सभी लड़कियों को झारखंड से घरेलू काम करवाने के लिए दिल्ली लाया गया था और यहां लाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया था। इनमें से करीब 9 लड़कियां नाबालिग थीं। एनसीपीसीआर ने बताया कि मामले की जानकारी बचपन बचाओ के द्वारा प्राप्त हुई थी। 
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दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव को जारी किया है नोटिस : कानूनगो
प्रियंक कानूनगो ने बताया कि झारखंड के विभिन्न इलाकों से लाई गई इन बच्चियों को अधिक पैसे देने का लालच दिया गया था। जैसे ही हमें बचपन बचाओ की टीम से बच्चियों की जानकारी मिली तो हमारी टीम तुरंत ही रोहिणी के लिए निकल गई। यहां स्थानीय पुलिस की मदद से इन बच्चियों को रेस्क्यू करवाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का तरीका बेहद गलत रहा, हमने बच्चियों को रेस्क्यू तो कर लिया लेकिन अभी तक बच्चियों को शेल्टर मिलने में दिक्कतें हो रही हैं। वहीं इस तरह की सैंकड़ों प्लेसमेंट एजेंसियां दिल्ली में धड़ल्ले से चल रही हैं लेकिन इस ओर दिल्ली सरकार द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जिसके चलते दिल्ली में बड़ी संख्या में आदिवासी इलाकों से लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाया जा रहा है। इस मामले में एनसीपीसीआर की ओर से दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव को नोटिस भी जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।

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