Monday, Aug 08, 2022
-->
ndmc-s-icc-also-helps-police

एनडीएमसी का आईसीसीसी, पुलिस के लिए भी बना मददगार

  • Updated on 10/6/2021

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) का इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) नई दिल्ली क्षेत्र के लिए जहां वरदान साबित हो रहा है, वहीं पुलिस के लिए भी बडा मददगार बन गया है। कई ऐसे बडे मामले हैं जो आईसीसीसी के चलते पुलिस कम समय में हल करने में कामयाब हो पाई है। यही नहीं आपको जानकर हैरानी होगी की कई बार ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी सप्ताह के सातों दिन व 24 घंटों चलने वाले आईसीसीसी में बैठकर नियमों को तोडने वालों के खिलाफ चालान भी काटते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या, रहे पितरों के प्रति कृतज्ञ करें विधि अनुसार तर्पण

एनडीएमसी क्षेत्र में लगे हैं 739 सीसीटीवी 
बता दें कि आईसीसीसी डैशबोर्ड के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इसे एनडीएमसी की सेवाओं को बेहतर करने के लिए व निगरानी और उनके समुचित प्रबंधन के हस्तक्षेप के लिए वास्तविक समय डेटा के साथ देता है। यही नहीं करीब 739 सीसीटीवी पूरे नई दिल्ली इलाके में लगाए गए हैं जोकि 360 डिग्री के एंगल पर काम करते हैं। जिसमें बारीक से बारीक चीजों व घटनाओं को जूम करके देखा जा सकता है। अभी तक दिल्ली पुलिस कई एक्सिडेंट, मर्डर, स्नैचिंग, गाडियों से सामान चुराने के मामलों व अन्य 33 प्रकार के आपराधिक वारदातों का खुलासा इनकी मदद से कर चुकी है। जबकि करीब 250 मामलों में दिल्ली पुलिस आईसीसीसी के डाटा को खंगाल चुकी है।
सजानी है साड़ी व दुपट्टे की किनारी, तो आना पडे़गा दिल्ली के किनारी बाजार                                                                                                                                                                                                                    30 दिन तक का रहता है बैकअप
एनडीएमसी के आईसीसीसी में घटना के दिन से 30 दिन तक का बैकअप मिल सकता है। 30 दिन तक की रिकार्डिंग के बाद अपने आप वो डिलिट हो जाता है। आईसीसी में 28 व्यक्ति 3 शिफ्ट में काम करते हैं। आवश्यकता पडने पर दिल्ली पुलिस जब डिमांड करती है तो उन्हें फुटेज एनडीएमसी द्वारा मुहैया करवाई जाती है।

जाने किन सुविधाओं से लैस है आईसीसीसी
टीयर-3 मानकों के अनुसार आईसीसीसी और डेआ सेंअर के लिए भौतिक बुनियादी ढांचे की स्थापना, वीडियो वाॅल स्क्रीन, 48 आॅपरेटरों के लिए कंसोल, स्मार्ट नेटवर्किंग रैक, आईटी हार्डवेयर, साॅफ्टवेयर, निगरानी कैमरे, आईओटी डिवाइस, मांड सेंटर प्लेटफाॅर्म, वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग युनिट से लैस है।
मानव विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है राखीगढी साईट

क्या आती हैं दिक्कतें
आईसीसीसी के कामकाज में कई बार कुछ दिक्कतें भी आती हैं जैसे इंर्फोसमेंट की टीम ने शिकायत के बावजूद शिवाजी स्टेडियम से अवैध हाॅकर्स को नहीं हटाया। वहीं करीब 16-17 सीसीटीवी कैमरों के आगे पेड आने की वजह से विजन क्लियर नहीं हो पा रहा है। बडी हुई टहनियां छंटाई ना होने की वजह से सीसीटीवी की दृष्टयता के लिए बाधक बनी हुई हैं।

हाल ही में आईसीसीसी ने सुलझाए गए प्रमुख केस:
-शिवाजी स्टेडियम में 3 लोगों द्वारा एक व्यक्ति को टक्कर मारकर 3 लाख रूपए छिन लिए थे।
-बिरला मंदिर के पीछे मर्डर का मामला सुलझा।
-बाराखंभा थानांतर्गत बीएमडब्ल्यू ने मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मारते हुए दूर तक घसीटा था।
 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.