Thursday, Feb 02, 2023
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nirbhaya case delhi high court dismisses mukesh petition

फांसी तय! दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की दोषी मुकेश की याचिका

  • Updated on 3/18/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने बुधवार को निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के चार में से एक दोषी मुकेश सिंह की याचिका को बुधवार को खारिज कर दिया। इस याचिका में उसने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिनमें उसके इस दावे को खारिज किया गया था कि 16 दिसंबर 2012 को जब जुर्म हुआ तब वह दिल्ली में नहीं था।

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न्यायमूर्ति ने कहा, आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं है
न्यायमूर्ति ब्रजेश सेठी ने कहा कि निचली अदालत के विस्तृत और तर्कपूर्ण आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं है। उच्च न्यायालय ने आगे कहा कि यह बताने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि इस मामले में मुकदमा किसी भी साक्ष्य को छिपाने के कारण प्रभावित हुआ। उच्च न्यायालय (High Court) ने मुकेश सिंह की याचिका खारिज करते हुए कहा, “निचली अदालत की ओर से पारित किए गए आदेश में कोई झोल, अवैधता या अनियमितता नहीं है।”

निचली अदालत ने मंगलवार को उसकी याचिका को खारिज कर दिया था और बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कहा था कि उसके वकील को परामर्श दिया जाए। पांच मार्च को एक निचली अदालत ने मुकेश, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय सिंह को फांसी देने के लिए नया मृत्यु वारंट जारी किया था। चारों दोषियों को 20  मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जाएगी।

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सजा से बचने की तिकड़म
लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि दोषी मुकेश की मौत की सजा के खिलाफ दायर यह याचिका बेमतलब है और यह सजा की तामील में विलंब कराने का एक तिकड़म है। याचिका में यह भी आरोप लगाया कि मुकेश सिंह को तिहाड़ जेल के भीतर प्रताड़ित किया गया। पांच मार्च को निचली अदालत ने मामले के चार दोषियों- मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 20 मार्च की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी किया था।

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