Thursday, Sep 23, 2021
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निर्भया: दोषी पवन का नया पैंतरा, पुलिस पर लगाया मार-पीट का आरोप

  • Updated on 3/12/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। फांसी की तारीख नजदीक आने से निर्भया (Nirbhaya Case) के चारों दोषी बेचैन और परेशान हो रहे हैं। फंदे से बचने का कोई न कोई उपाय तलाश रहे हैं। इस बार दोषी पवन ने एक बार फिर कोर्ट का रुख किया है। उसने 2 पुलिसवालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने मुझे बेरहमी से मारा है जिसके कारण मुझे सिर में कई गंभीर चोटें लगीं। उसने कोर्ट से इन दोषी पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज करने की गुहार लगाई है।

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जेल प्रशासन को नोटिस
इस याचिका पर कोर्ट ने जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब 12 मार्च को होगी। उधर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को तिहाड़ जेल प्रशासन से कहा कि निर्भया के चार दोषियों की उस घटना में उनकी भूमिका को लेकर साक्षात्कार करने की इजाजत मांगने वाली एक मीडिया हाऊस की याचिका पर नए सिरे से विचार करे।

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उपराज्यपाल के पास आवेदन
बता दें कि इससे पहले विनय शर्मा ने अपने वकील एपी सिंह से दिल्ली के उपराज्यपाल के पास आवेदन दिया है। इस आवेदन में उसने उपराज्यपाल से फांसी नहीं देने की गुहार लगाई है। आवेदन देकर दोषी विनय शर्मा ने फांसी नहीं देकर सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है। वकील एपी सिंह ने धारा 432 और 433 के तहत आवेदन दिया है।

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चिकित्सा सहायता की मांग हो चुकी है खारिज
इससे पहले भी निर्भया के दोषी विनय ने अदालत में याचिका देकर चिकित्सा सहायता की मांग की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने इस याचिका की जांच के लिए तिहाड़ जेल से चिकित्सा रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें यह साफ  हो गया था कि उसने खुद दीवार पर अपना सिर पटका था जिसके बाद उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी गई। अदालत ने गौर किया कि मौत की सजा के मामले में सामान्य चिंता और अवसाद होता है। यह भी पता चला कि इस मामले में निस्संदेह, पर्याप्त चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक मदद प्रदान की गई है।

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