Thursday, Apr 09, 2020
nirbhaya rape case what changed after 16 december 2012 night how government awaken

निर्भया कांड की उस रात के बाद क्या कुछ बदला, कितनी जागीं सरकारें?

  • Updated on 3/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निर्भया ने 13 दिन अस्तपाल में जिंदगी और मौत के बीच गुजारे, जिसके बाद सिंगापुर पहुंचते ही उसकी मौत हो गई, लेकिन इस दर्दनाक वाक्या और उस काली रात को जो कुछ भी हुआ, उसने दिल्ली पुलिस ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार को जगा दिया। पहली बार ऐसा देखने को मिला जब सड़कों पर नहीं, कॉलेज, घरों सहित हर जगह महिलाओं की सुरक्षा पर बात की जाने लगी। 29 दिसम्बर को जैसे ही निर्भया की मौत की खबर आई हर आंख छलक पड़ी और राजधानी थम सी गई थी। 

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सड़कों पर उतरे लोग, विजय चौक पर थी लाखों की भीड़ 
निर्भया की मौत के बाद हर महिला ही नहीं, हर युवा के चेहरे पर गुस्सा दिखा। इसी का नतीजा था कि 30 दिसम्बर को इंडिया गेट से लेकर विजय चौक पर लाखों लोग मौजूद थे और हर किसी के जुबां पर एक ही वाक्य था कि निर्भया को इंसाफ दो और महिलाओं को सुरक्षा। निर्भया की मौत की सूचना मिलने पर लोगों ने पहले इंडिया गेट की ओर रुख किया था। 

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पुलिस पहले ही जान चुकी थी कि हालात बेकाबू है और लोगों में गुस्सा है, जिसके चलते पुलिस ने सभी रास्ते बंद कर दिए थे। सड़कों पर उतरे लोगों के चेहरे से दर्द साफ झलक रहा था। उनमें आक्रोश भी था। शाम के समय अनेक स्थानों पर कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई थी। 

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जागी सरकारें, बने कानून 
- निर्भया केस के बाद ही सेक्शन 376 में हुआ बदलाव।
- इसके अलावा देश भर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऐसे गंभीर अपराध में फास्ट टै्रक कोर्ट खोले गए।
- महिलाओं से जुड़ी गाइडलाइन को बनाया गया।
- देशभर में गाडिय़ों से ब्लैक शीशे हटाने का कानून पास किया गया।
- कानून बना कि रेप पीड़िता केस में चार्जशीट 60 दिनों में तैयार हो।
- निर्भया कोष बनाया गया।

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