Tuesday, Jan 25, 2022
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noida police commissioner took big action: inspector shabez khan and a constable were sacked

इंस्पेक्टर ने ATM हैकर को 25 लाख और क्रेटा लेकर छोड़ा- नोएडा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

  • Updated on 12/1/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजीटल। गौतमबुद्वनगर पुलिस कमिश्नरेट में दिन भर एटीएम हैक करने वाले आरोपियों से 25 लाख रुपये और एक क्रेटा कार लेकर उन्हें छोडऩे का मामला दिन भर छाया रहा। हर थाना और चौकी पर इस घूसकांड और शक के दायरे में आए इंसपेक्टर व उसकी टीम को लेकर कयास लगते रहे। वहीं इस प्रकरण के तूल पकडऩे पर आनन फानन में कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) लव कुमार ने जांच डीसीपी क्राइम अभिषेक को सौंपी।

मंगलवार का गाजियाबाद के इंदिरपुरम थाने में बंद आरोपियों से पूछताछ करने के लिए डीसीपी क्राइम पहुंंचे। जहां उन्होंने आरोपियों से पूछताछ की और लगभग सवा दो घंटे पूछताछ के बाद वह वापस नोएडा लौट आए। शाम होते होते डीसीपी क्राइम ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली और इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने आरोपों के घेर में आए इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपनी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किए गए स्वॉट टीम प्रभारी शाबेज खान और हेड कांस्टेबल अमरीश कांत यादव को नौकरी से सीधे बर्खास्त कर भ्रष्टाचार के मामले में सरकार व गौतमबुद्वनगर पुलिस कमिश्नरेट की प्राथमिकता, भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति अपनाने के संदेश को अमल में लाकर गौतमबुद्वनगर पुलिस कमिश्नरेट की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों का जवाब दे दिया।

इतना ही नहीं स्वॉट टीम को भंग करते हुए उसमें तैनात सभी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर करते हुए आरोपियों व स्वॉट टीम में शामिल रहे पुलिस कर्मियों की चल अचल संपत्ति की जांच के भी आदेश दिए है। इसके साथ ही मेरिट के आधार पर नई स्वॉट टीम के गठन का निर्देश अपर पुलिस (आयुक्त कानून एवं व्यवस्था) लव कुमार को दिए है। बर्खास्तगी की कार्रवाई के साथ ही अब दोनों बर्खास्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर व उनकी गिरफ्तारी का भी रास्ता तय हो गया है। ऐसे में जल्द ही उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई किए जाने के संकेत पुलिस अधिकारियों ने दिए है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह की इस बड़ी कार्रवाई को उन पुलिस कर्मियों के लिए बड़ संदेश माना जा रहा है तो भ्रष्टाचार में लिप्त है।

जासूसकांड प्रकरण का खुलासा होने पर मंगलवार को दिन भर लखनऊ में भी इस प्रकरण को लेकर पुलिस महकमे में हलचल रही। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण के जांच अधिकारी एडीजी इंटेलीजेंस बुधवार को नोएडा व गाजियाबाद आकर इस प्रकरण की जांच शुरू कर सकते है। वहीं संदेह के घेरे में आए इंसपेक्टर शाबेज खान का मोबाइल फोन दोपहर बाद से स्विच ऑफ आने से शक का दायर उसकी तरफ और बढऩे लगा था। सूत्रों के मुताबिक शक के दायरे में आए इंसपेक्टर ने अपनी आपबीती अपने हमदर्द अधिकारियों से बयां की है किस तरह वह केवल एक मोहरा के रूप में काम कर रहे थे।

असली खेल और खेला कहीं और से चल रहा था। वहीं रिश्वत में ली गई क्रेटा कार को भी कटवा कर सबूत मिटाए जाने की चर्चा है। अगर संदेह के घेरे में आए बर्खास्त इंसपेक्टर शाबेज खान द्वारा नोएडा में किए गए अन्य गुडवर्क पर भी सवालियां निशान लगने शुरू हो गए है।

सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों ने डीसीपी क्राइम के सामने खुलासा किया कि जब वह पंजाब से एटीएम हैक की घटना को अंजाम देकर लौट रहे थे तभी रास्ते में नोएडा पुलिस के इंसपेक्टर व उसकी टीम ने दबोच लिया था और फिर सौदेबाजी का दौर शुरू हुआ। कब और कहां पैसे दिए गए और कार किन परिस्थितियों में दी गई। इसका सिलसिलेवार ब्यौरा उन्होंने डीसीपी को दिया।

इसके अलावा कई और चौंकाने वाली जानकारियां डीसीपी को दी है। सूत्रों के मुताबिक इंसपेक्टर व उसकी टीम ने पूरा हैकिंग प्रोसेस जानने के बाद उनसे साफ्टवेयर भी लिया था। आशंका है कि बाद में इंसपेक्टर व उसकी टीम ने भी कई एटीएम उसके फरार सदस्यों से बातचीत कर खाली कराए होंगे। अगर ऐसा हुआ है तो यह सबसे बड़ा चौंकाने वाला खुलासा होगा।

जिन हाथों ने दिया प्रशस्ति पत्र उन्हीं हाथों से लिखा बर्खास्तगी का फरमान
नोएडा में थाना सेक्टर-58 प्रभारी के दौरान शाबेज खान ने कई गुडवर्क किए और पुलिस अधिकारियों की पसंद बने। सब इसंपेक्टर से इंसपेक्टर के पद पर पदोन्नत होने के बाद जिले में पुलिस कमिश्नरेट में उन्हें स्वॉट टीम व क्राइम ब्रांच का जिम्मा दिया गया और वह स्वॉट टीम के प्रभारी रहते हुए कई बड़े गुडवर्क अपने नाम कर अधिकारियों के दिलों में जगह बना ले गए।

बिसरख में अवैध शस्त्र फैक्टरी से जुडे दो तस्करों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में पिस्टल बरामद की थी। वहीं कई बड़े वाहन चोर गिरोह के साथ साथ साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपनी सराहनीय सेवाओं के लिए खुद पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया था। आज उन्हीं हाथों से कमिश्नर ने शाबेज खान की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने उन पर आंख मूंद कर भरोसा किया। जिसका फायदा शाबेज खान और उसकी टीम ने उठाया और गुडवर्क की आड़ में कई बड़े बड़े खेल कर दिए।

खोड़ा कालोनी, राहुल विहार व विजय नगर इलाके के बदमाशों में शाबेज व उनकी टीम का पूरा दखल था। बदमाशों के गठजोड़ पर कई बार विरोधियों को नोएडा में गिरफ्तार कर बड़ा गुडवर्क दिखाने से भी उनकी टीम नहीं चूकी। इस खेल का भी खुलासा न होता अगर एटीएम हैकर्स गाजियाबाद में न पकड़े जाते खासकर उस थाने में जिस थाने के पुलिस कर्मियों के खिलाफ नोएडा के एक थाने में अपहरण व वसूली की रिपोर्ट दर्ज थी। ऐसे में दो जिला पुलिस के बीच चल रहे शीतयुद्व में शाबेज व उसकी की करतूत सामने आ गई। 
 
STF ने भी शुरू की थी जांच
एसटीएफ की नोएडा यूनिट के एक अधिकारी के मुताबिक नोएडा व उसके आसपास बैंकों के एटीएम हैक कर रुपये निकलने की घटना के बाद बैंक अधिकारी परेशान हुए तो मामला भी दर्ज होने लगा। जिसके बाद एसटीएफ ने अपने स्तर से इस हैकर्स गिरोह की तलाश शुरू की थी। कई एटीएम बूथों का डंप डाटा भी लिया था। जांच शुरू हुई लेकिन इसी बीच अन्य गंभीर मामलों की जांच में एसटीएफ उलझ गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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