Friday, Sep 30, 2022
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ओम प्रकाश चौटाला को 4 साल की सजा, 50 लाख का जुर्माना

  • Updated on 5/27/2022

ओम प्रकाश चौटाला को 4 साल की सजा, 50 लाख का जुर्माना
चार संपत्तियों को जप्त करने के भी दिये आदेश

 

नई दिल्ली 27 मई (नवोदय टाइम्स): राऊज एवेन्यू कोर्ट स्थित विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश विकास ढल की अदालत ने शुक्रवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोक दल सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला को 4 साल कैद की सुजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने चौटाला पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने चौटाला की चार संपतियों को जब्त करने के आदेश भी दिए हैं। अदालत ने जुर्माने की रकम में से पांच लाख रुपये सीबीआई को मुकदमा खर्च के तौर पर देने को कहा है।

अदालत ने फैसला सुनाए जाने के बाद अदालत में मौजूद ओम प्रकाश चौटाला को तुरंत हिरासत में लेने का निर्देश दिया। इससे पहले पिछले सप्ताह अदालत ने चौटाला को दोषी करार दिया था। वहीं, चौटाला के वकील ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के लिए दस दिन का समय मांगा, अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि वह इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर करें।
 

चार अचल संपति भी जब्त करने के आदेश
अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि गलत तरीके से अर्जित की गई चौटाला की हेली रोड, पंचकूलाए गुरुग्राम व असोला की अचल संपति को जब्त कर लिया जाए। यह सभी अचल संपति सरकारी संपति खाते में जाएंगी। इसके अलावा चौटाला पर लगाया गया जुर्माना भी राजस्व में जमा होगा।
 

ये था मामला
सीबीआई के अनुसार, आरोपी ओम प्रकाश चौटाला ने 24 जुलाई, 1999 से 5 मार्च, 2005 की अवधि के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए चल और अचल संपत्ति अर्जित की, जोकि उनकी आय के ज्ञात वैध स्रोतों से बहुत अधिक थी। जांच के दौरान चौटाला व उनके परिवार के नाम पर एक हजार 467 करोड़ रुपये की संपति पाई गई।

अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने भारी संपत्ति जमा की और पूरे देश में हजारों एकड़ जमीन, मल्टी कॉम्प्लेक्स, एक बड़ा घर, होटल, फार्म हाउस, बिजनेस एजेंसियां, पेट्रोल पंप और अन्य निवेश के अलावा विदेशों में भारी निवेश किया। सीबीआई ने एफआईआर में यह भी कहा कि नकदी और आभूषण के अलावा कुल 43 अचल संपत्तियां जमा की गईं। एफआईआर में सूचीबद्ध 43 कथित संपत्तियों के अलावा अतिरिक्त संपत्तियां भी आरोपी परिवार की होने का संदेह पाया गया।

सीबीआई ने अदालत में दायर आरोपपत्र में कहा कि आरोपी ओपी चौटाला ने अचल और चल दोनों संपत्ति अर्जित की थीं, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से अधिक थी। आय से अधिक संपत्ति की गणना 6 करोड़ 9 लाख 79 हजार 26 रुपये की गई थी, जोकि उनकी वास्तविक आय के ज्ञात स्रोतों से 189.11 प्रतिशत अधिक थी। बहरहाल अदालत ने चौटाला को जेल की सजा काटने के लिए न्यायिक हिरासत लेने के आदेश दिए हैं।

ज्ञात है कि विशेष न्यायाधीश विकास ढल ने वर्ष 1993 से 2006 के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दोषी करार दिए गए ओम प्रकाश चौटाला और सीबीआई के वकीलों की ओर से गुरुवार को सजा पर बहस सुनने के बाद फैसला शुक्रवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
 

सीबीआई ने की थी अधिकतम सजा की मांग
सजा सुनाए जाने के दौरान चौटाला कोर्ट रूम में ही मौजूद रहे। वीरवार को सजा पर बहस के दौरान चौटाला के वकील ने कम से कम सजा देने के लिए उम्र और बीमारी को ध्यान में रखने का आग्रह किया था और कहा था कि चौटाला जन्म से ही पोलियो से संक्रमित हैं और आंशिक रूप से अक्षम हैं। हालांकि, सीबीआई के वकील अजय गुप्ता ने स्वास्थ्य और उम्र के आधार पर चौटाला के वकील द्वारा रियायत देने की दलील का विरोध किया था।

सीबीआई ने अदालत से आग्रह किया कि चौटाला को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए क्योंकि इससे समाज में एक संदेश जाएगा। इस मामले में आरोपी एक सार्वजनिक व्यक्ति है और न्यूनतम सजा देने से समाज में गल
 

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