Tuesday, Oct 04, 2022
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omicron''''s threat reached the jail, ban on meeting with prisoners, decree came

जेल तक पहुंचा ओमिक्रॉन का खतरा, बंदियों से मुलाकात पर पाबंदी, आया फरमान

  • Updated on 1/2/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच ओमिक्रॉन का प्रकोप और खौफ कम नहीं हो पाया है। ओमिक्रॉन की दहशत अब जिला कारागार तक पहुंच गई है। एहतियात के तौर पर अग्रिम आदेश तक जेल में मुलाकात प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। बंदियों को अब परिजनों से मिलने का मौका नहीं मिल पाएगा

शासन ने जारी किया आदेश
उत्तर प्रदेश शासन ने इस बावत आदेश जारी कर दिए हैं। जनपद गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण में पुन: तेजी देखने को मिल रही है। गाजियाबाद में काफी समय पहले ओमिक्रॉन के 2 मरीज सामने आए थे। कोरोना के नए स्ट्रैन ओमिक्रॉन ने भी चिंता बढ़ा रखी है। ओमिक्रॉन का खौफ अब जिला कारागार (डासना जेल) तक पहुंच चुका है। दरअसल उप्र शासन ने डासना जेल में निरूद्ध बंदियों से परिजनों की मुलाकात प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया है। 

साढ़े 4 माह बाद फिर रोक
अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने इस सिलसिले में जिलाधिकारी गाजियाबाद और जेल अधीक्षक को पत्र भेजकर अवगत कराया है। पत्र में कहा गया है कि ओमिक्रॉन संक्रमण से बंदियों का बचाव करने को यह निर्णय लिया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के दरम्यान भी डासना जेल में मुलाकात प्रक्रिया पर पाबंदी लगा दी गई थी। संक्रमण कम होने पर पिछले साल 16 अगस्त से मुलाकात प्रक्रिया को बहाल किया गया था। 

डासना जेल में कई हजार बंदी
डासना जेल में कई हजार बंदी निरूद्ध हैं। जेल परिसर में कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। लगभग सभी बंदियों का वैक्सीनेशन पूर्ण हो चुका है। बंदियों को कोरोना के प्रति जागरूक किया गया है। इसके अलावा जेल में प्रत्येक नए बंदी की कोरोना जांच की व्यवस्था है। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर संबंधित बंदी का उपचार आरंभ किया जाता है। कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर में डासना जेल में वैक्सीनेशन के अलावा सैनिटाइजेशन पर भी जोर दिया गया था।
 

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