Sunday, Dec 04, 2022
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Planning for security arrangements before Eid-ul-Azha, officers in no mood to take any risk

ईद-उल-अजहा से पहले सुरक्षा व्यवस्था की प्लानिंग, कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं अफसर

  • Updated on 7/8/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले शांति, सौहार्द एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए कवायद तेज हो गई है। पैगम्बर मोहम्मद विवाद और उदयपुर घटना के मद्देनजर सरकारी तंत्र कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। अराजक तत्वों से निपटने को प्रभावी रणनीति पर काम चल रहा है। 

इस बीच शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। ऐसे में पुलिस-प्रशासन काफी सक्रिय एवं सतर्क नजर आया। ड्रोन कैमरे के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की गई। खुफिया विभाग की टीमें भी अलर्ट दिखीं। ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व 10 जुलाई को है। बकरीद को कुर्बानी के पर्व के रूप में भी जाना जाता है। 

मुस्लिम समाज के इस महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखकर गाजियाबाद जनपद में सरकारी तंत्र ने कमर कस ली है। बकरीद पर जिलेभर में शांति एवं कानून व्यवस्था कायम रखने पर फोकस किया गया है। बकरीद पर नमाज के दरम्यान सभी मस्जिद एवं ईदगाह स्थलों पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती रहेगी। 

विवादित एवं नए स्थल पर नमा अता करने और पशु कुर्बानी की इजाजत नहीं होगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पर्याप्त संख्या में पुलिस-पीएसी जवानों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से माहौल पर नजर रखी जाएगी। बकरीद पर्व से पहले शुक्रवार को जिले में जुमे की नमाज अदा की गई। 

अलबत्ता सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद रहे। कैला भट्टा, इस्लाम नगर, चमन कॉलोनी, मिर्जापुर, रईसपुर, सेक्टर-23 संजय नगर, डूंडाहेड़ा, नंदग्राम, शहीद नगर, पप्पू कॉलोनी, पसौंडा, महाराजपुर, भोवापुर इत्यादि में पुलिस ने सुबह से सतर्कता बरती। नमाज के दरम्यान मस्जिद एवं ईदगाह स्थलों के बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा। 

नमाज संपन्न होने के उपरांत पुलिस बल वहां से लौट गया। सूत्रों का कहना है कि पैगम्बर मोहम्मद विवाद और उदयपुर घटना के चलते बकरीद पर अत्याधिक सतर्कता बरते जाने का निर्णय लिया गया है। उधर, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद शुरू हो गई है। विभिन्न स्थानों पर बकरा मंडी लगी हैं। जहां से बकरों की खरीदारी की जा रही है।  
 

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