Tuesday, Jun 28, 2022
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अनुशासनहीन कैदियों पर होगी त्वरित कार्रवाई

  • Updated on 5/23/2022

अनुशासनहीन कैदियों पर होगी त्वरित कार्रवाई
जेल अधिक्षकों को दिये गए दिशा निर्देश

 

नई दिल्ली, 23 मई (नवोदय टाइम्स): राजधानी के कारागारों में कैदियों के बीच मारपीट, आपत्तिजनक सामान की बरामदगी, जेलकर्मियों से गलत व्यवहार से जुड़े मामले अधिक होते हैं। व अधिकारियों के साथ अभद्रता व अनुशासनहीनता की घटनाए रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिये अब जेल प्रशासन ने फैसला किया है कि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले कैदियों के खिलाफ  सख्त त्वरित कार्रवाई होगी। इनके खिलाफ चल रहे मामलों को जल्द निपटाने का जेल प्रशासन की ओर से सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है। कहा गया कि सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाएं और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करें।

जेल सूत्रों का कहना है कि औसतन हर महीने 100 मामले ऐसे आते हैं, जिनमें कैदियों द्वारा अनुशासनहीनता की जाती है। कई मामले ऐसे भी होते हैं जिनमें कैदी जानबूझकर सही सूचना छिपाते हैं। सश्रम कारावास की सजा पा रहे कई कैदी ऐसे होते हैं, जो जेल प्रशासन की ओर से दिए गए कार्य को पूरा नहीं करते। 

जेल प्रशासन के लिये सबसे अधिक परेशानी का सबब कैदियों का आक्रामक व्यवहार बनता है, कैदियों के आक्रामक रवैये के पीछे अन्य कारणों के साथ कैदियों  पर निगरानी रखने वाले जेल कर्मियों की लापरवाही भी माना जा रहा है। कैदियों के हावभाव पर नजर रखने व इनके मन में चल रही बातों का पता लगाने के लिए जेल प्रशासन का अपना खुफिया तंत्र है।

इस के दो हिस्से हैं। एक हिस्से में अलग.अलग बैरकों में बंद चुनिंदा कैदियों के माध्यम से जेल अधिकारी बैरक में चल रही गतिविधियों के बारे में पता लगाते रहते हैं। इनके माध्यम से कैदियों के तनाव, उनकी आक्रामकता व मनोविचार पर नजर रखी जाती है। वहीं जेलों में काउंसलर व मनोविज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ कैदियों से समय.समय पर बात करके उनके मन की बातों का पता लगाते हैं। जेल प्रशासन को भी कैदियों के बारे में बताया जाता है कि किस कैदी पर कितना और किस तरह का ध्यान दिया जाना है।
 

अनुशासनहीन कैदियों पर रखी जाती है विशेष निगरानी
अच्छे आचरण वाले कैदियों विचाराधीन को छोडक़र को सेमी ओपन या ओपन जेल में भेजे जाने का प्रावधान है। इसके अलावा समय से पूर्व रिहाई का भी प्रावधान रहता है। हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में अच्छे आचरण वाले कैदियों को रिहाई मिलती है। कुछ मामलों में कैदियों को अच्छे आचरण पर पैरोल मिलने में आसानी होती है। जेल में नियमों की अनदेखी करने वाले कैदियों के खिलाफ जेल नियमावली के तहत कार्रवाई की जाती है और ऐसे कैदियों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। 
 

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