Sunday, Dec 04, 2022
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ऋतु महेश्वरी वापस जाओ के बैनर और सिर पर मटका

  • Updated on 9/20/2021

नई दिल्ली, टीम डिजीटल। दिल्ली से सटे नोएडा में ऋतु महेश्वरी वापस जाओ के बैनर और सिर पर मटका लेकर किसानों ने मटका फोड़ रैली के नाम पर सोमवार को प्रदर्शन किया और हरौला बारात घर से प्राधिकरण दफ्तर तक मार्च निकाल कर अपना विरोध प्रकट किया। इस धरना प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले खलीफा सुखबीर पहलवान ने कहा कि किसानों की विभिन्न समस्यों जिसमें मुआवजा से लेकर आबादी निस्तारण की मांग प्रमुख है। उस पर प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार वार्ता हुई। केवल आश्वासन ही मिला है। प्राधिकरण की सीईओ ऋतु महेश्वरी की हठकर्मिता के चलते समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसलिए किसानों ने उन्हें प्राधिकरण से सीईओ का पद छोड़ कर वापस जाने के लिए श्राद्व के पहले दिन मटका फोड़ कर प्रदर्शन किया है।

वहीं ऋतु महेश्वरी ने जब से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का पद ग्रहण किया है तब से लगातार शहर में विकास योजनाओं से लेकर शहर की साफ सफाई से कोई समझौता नहीं किया है। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के अंदर चल रहे कर्मचारियों व अधिकारियों ठेकेदारों के गठजोड़ से पनप रहे भ्रष्टाचार पर चोट दी है। जिसके चलते उनके खिलाफ प्राधिकरण के ही कुछ अधिकारी व कर्मचारी नेता ठेकेदार माहौल तैयार कर रहे है और प्रदर्शन करने वालों को हवा दे रहे है।  

मालूम हो कि पिछले 20 दिनों से भारतीय किसान परिषद के बैनर तले नोएडा के 81 गांवों के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्राधिकरण के पास हरौला बारात घर में प्रदर्शन कर रहे है। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान प्राधिकरण दफ्तर के पास मटका फोडऩे के दौरान सुरक्षा में तैनात एसीपी फस्र्ट आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा के सिर में मटका सिर में लग गया। जिसमें वह मामूली रूप से चोटिल भी हो गई लेकिन उन्होंने चोट लगने के बाद भी संयम बरता और ड्यूटी निभाती रही। इस दौरान नोएडा जोन के एडीसीपी कुंवर रणविजय सिंह प्रदर्शन कर मटका फोड़ रहे किसानों पर थोड़ा उग्र भी हुए। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के अगवा नेताओं ने भीड़ को समझा बुझा कर शांत किया और मटका फोडऩे के बाद वापस लौट गए।

प्राधिकरण तैयार लेकिन राजनीति के चक्कर में फंसा पेंच
हरौला में धरना प्रदर्शन करने वाले नोएडा के किसानों की कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों से पिछले बीस दिनों में वार्ता हुई है। प्रदर्शन के दौरान किसानों को जेल भेजने के बाद लेकर उनकी बिना शर्त जमानत पर रिहा कराने की मांग मानने के बाद भी धरना प्रदर्शन लगातार जारी होने के बाद दो दिन पहले प्राधिकरण के अधिकारियों ने प्रदर्शन के अगुवा खलीफा सुखबीर पहलवान व उनके प्रतिनिधि मंडल को बुला कर वार्ता की थी। जिसमें एसीईओ प्रवीण मिश्रा शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक किसानों की अधिकांश मांगों पर प्राधिकरण अधिकारी राजी हो गए थे लेकिन इस धरना प्रदर्शन को समाप्त कराने का श्रेय लेने के चक्कर में भाजपा के नेता ही आपस में उलझे हुए है। जिसके चलते यह समस्या अब तक पुलिस के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। हर दिन नोएडा जोन के कई थानों का पुलिस बल व पीएसी तैनात करनी पड़ रही है।  


 

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