Tuesday, Oct 04, 2022
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six crooks who were carrying out incidents of snatching in delhi-ncr arrested

दिल्ली-एनसीआर में छिनैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे छह बदमाश गिरफ्तार

  • Updated on 7/11/2022


नई दिल्ली, टीम डिजीटल/ दिल्ली-एनसीआर में ड्यूटी से लौटने वालों को अपना शिकार बनाने वाले छह बदमाशों को थाना सेक्टर-113 पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 40 मोबाइल, 12 मोबाइल डिस्प्ले फोल्डर, छह कटे मोबाइल, चोरी की तीन बाइक, तीन तमंचे और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों के तीन साथी मौके से भाग गए। पुलिस का दावा है कि लूटपाट की घटना का विरोध करने पर यह बदमाश फायर करने से भी नहीं चूकते थे। गिरोह में शामिल दो किशोरो को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। 
नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-113 प्रभारी शरदकांत शर्मा  को मुखबिर की जरिए मिली एक सूचना के आधार पर सोरखा गांव के पीछे से मोबाइल और चेन लुटेरे गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान वंश यादव, अमन कुमार, विकास उपाध्याय, रिषभ उर्फ गब्बर, गोविंदा और गाजियाबाद निवासी मोहित शर्मा के रूप में हुई है। इसके अलावा पुलिस ने दो बाल अपचारियों को भी अभिरक्षा में लिया है। इस गैंग के तीन बदमाश भाग गए। आरोपी पिछले काफी समय से दिल्ली-एनसीआर में चोरी की बाइक पर सवार होकर मोबाइल फोन और चेन आदि छीनने की वारदात करते थे। बदमाशों ने छह घटनाओं का खुलासा किया है। एडीसीपी ने दावा किया है कि यदि कोई आरोपियों का विरोध करता था तो वे उसके साथ तमंचे के बल पर मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देकर लूटपाट करते थे। 
 

लूटे गए मोबाइल के हर पार्ट्स थी कीमत 
लूटे गए मोबाइल को 8,00 से लेकर 2,700 रुपये में पकड़े गए आरोपी मोहत शर्मा और गोविंदा को बेच देते थे। मोहित शर्मा औंर गोविंदा इनके पाट्र्स निकाल लेते थे और उन्हें बेचते थे। ये लोग मोबाइल की डिस्प्ले एक हजार से 1500 रपये में, बैटरी 200 से 300 रुपये में, कैमरा 1000 रुपये में, की-बोर्ड 150 रुपये में, स्पीकर 100 रुपये में बेचते थे।
 

पुलिस की सक्रियता से टली गौरव चंदेल जैसी घटना 
सूत्रों के मुताबिक पुलिस जब इन बदमाशों की तलाश में लगी हुई थी तब यह बदमाश सोरखा गांव के पीछे एक कार में सवार युवक को अपना शिकार बनाने ही जा रहे थे। कार सवार युवक नशे में धुत था और उसने सडक़ के किनारे अपनी गाड़ी रोक रखी थी। उसी दौरान बाइक सवार बदमाश उसके पास पहुंचे और तमंचा तानने ही वाले थे कि अचानक उधर से पीसीआर गुरजी जिसे देख कार सवार युवक ने हार्न बजाना शुरू कर दिया। हार्न की आवाज सुन कर पीसीआर उधर की तरफ आई जिसे देख बाइक सवार बदमाश भाग निकले लेकिन पीसीआर ने उनका पीछा न छोड़ा और बाकी पुलिस टीम को सूचना देकर घेराबंदी कर पकड़ लिया। अगर पुलिस की पीसीआर वहां नही गुजरती तो गौरव चंदेल हत्याकांड की दोहराया जा सकता था। 
 

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