Friday, Apr 19, 2019

दिल्ली- UP में सज्जाद बना रहा था स्लीपर मॉडयूल, लेना चाहता था आतंकी भाइयों की मौत का बदला

  • Updated on 3/23/2019

नई दिल्ली/मुकेश ठाकुर। गिरफ्तार आतंकी  पुलवामा का रहने वाला सज्जाद खान (27) आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय सदस्य है। वह पुलवामा हमले के बाद वहां से फरार होकर दिल्ली में कश्मीरी शॉल विक्रेता बनकर रह रहा था।

इसी आड़ में वह स्लीपर सेल मॉडयूल को तैयार कर रहा था। सेल के दावे के मुताबिक यहां पर यूपी के युवाओं से संपर्क कर चुका था और उन्हें एकजुट करने की तैयार भी कर रहा था। यही नहीं आरोपी पहले पत्थरबाज था और बाद में अपने दो आतंकी भाइयों की मौत का बदला लेने के लिए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ गया था। 

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जैश के लिए आतंकियों को भर्ती करने की थी जिम्मेदारी
सज्जाद खान ने पुलिस को बताया मुदस्सिर ने उसे दिल्ली में स्लीपर सेल खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। दिल्ली में रहकर वह जैश के लिए आतंकियों की भर्ती कर रहा था। उसे मुदस्सिर ने यहां आतंकी भर्ती करने के लिए कहा था जो भविष्य में दिल्ली को दहलाने का काम कर सके।

डीसीपी कुशवाह ने बताया कि राज्यों के मुस्लिम युवाओं को चरमपंथी बनाने और भर्ती करने, उन्हें हथियारों, विस्फोटक और फील्ड क्राफ्ट का प्रशिक्षण देने, धन और हथियार जुटाने का काम भी सौंपा गया था।  

उन्होंने बताया कि  सज्जाद ने जम्मू-कश्मीर के गदपोरा के निवासी और त्राल के मिदुरा के रहने वाले तनवीर को प्रेरित और भर्ती किया। पुलिस पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि दिल्ली को लेकर क्या साजिश जैश ने रची है।

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सज्जाद खान ने दसवीं में फेल होने के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
सज्जाद खान पुलवामा का रहने वाला है। वहां के सरकारी स्कूल में नौवीं तक पढ़ाई की है। दसवीं में फेल होने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद वह अपने दो भाइयों ईशफाक अहमद खान और शौकत अहमद खान के साथ मिलकर पत्थरबाजी करने लगा।

उसी दौरान ईशफाक अपने दोस्त मुदस्सिर के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया। 25 अप्रैल को पुलवामा के लाम में सेना ने ईशफाक को उसके दो अतंकी साथियों के साथ मार गिराया था।

उसकी मौत के बाद उसका भाई शौकत भी जून 2018 में जैश का सदस्य बन गया, जिसे सेना ने पुलवामा के चान में हुए एक एनकाउंटर में कंधार हाईजैक के मास्टरमाइंड मसूद अजहर के भतीजा उस्मान हैदर के साथ मार गिराया था। इन दोनों की मौत के बाद मुदस्सिर ने सज्जाद को बहका जैश से जोड़ लिया। इसके बाद सज्जाद उन्हें पुलवामा में सीआरपीएफ और सेना कॉनवे मूवमेंट की जानकारी देता था। 

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हमले से पहले मुदस्सिर ने सज्जाद को किया था व्हाट्सएप 
14 फरवरी को सीआरपीएफ कॉनवे हमला से पहले मुदस्सिर ने सज्जाद को व्हाट्सएप पर इस हमले अंजाम दिए जाने की जानकारी दी थी। साथ ही उसने इस हमला में शामिल फिदायीन आदिल डार द्वारा बनाया गया एक वीडियो भी उसके मोबाइल पर शेयर किया था, जिसे सज्जाद ने अपने मोबाइल से डिलीट कर दिया था।

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